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युवराज सिंह ने क्रिकेट से लिया संन्यास, बोले - अब आगे बढ़ने का समय आ गया है

वर्ल्डकप 2011 भारतीय क्रिकेट टीम के हीरो रहे युवराज सिंह ने आज मुंबई में एक कॉनफेरेन्स कर क्रिकेट जगत से सन्यास की घोषणा कर दी है. अपने रिटायरमेंट के समय युवराज सिंह ने कहा, "क्रिकेट ने मुझे सब कुछ दिया. देश के लिए खेलने गर्व की बात है. यह भी कहा कि 2011 विश्व कप जीतना सपने पूरा होने जैसा था और आगे बोलते हुए बोले की अब आगे बढ़ने का समय आ गया है. "

भारत के लिए 400 से अधिक मैच खेलने (40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 टी20 इंटरनेशनल मैच) वाले युवराज सिंह का भारतीय क्रिकेट टीम को ‘वर्ल्डकप 2011’ में चैंपियन बनाने में अहम रोल रहा था. गेंद और बल्ले से शानदार प्रदर्शन करते हुए युवराज ने वर्ल्डकप 2011 के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी होने का श्रेय हासिल किया था. 2011 वर्ल्डकप के बाद कैंसर की बीमारी से जूझने के बाद उन्होंने न केवल भारतीय क्रिकेट टीम में वापसी की बल्कि अपने प्रदर्शन से हर किसी पर असर छोड़ा . युवराज को भारतीय क्रिकेट टीम को एंटरटेनर क्रिकेटर माना जाता था.

6 गेंदों में 6 छक्के मारने का विश्व रिकॉर्ड

12 दिसंबर 1981 को चंडीगढ़ शहर में जन्मे युवराज सिंह के नाम कई विश्व रिकॉर्ड है . विश्वकप 2011 में अहम भूमिका निभाने में मैन ऑफ़ द टूर्नामेंट चुना गया. 20-20 विश्व कप 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ एक ओवर की 6 गेंदों में 6 छक्के मार कर विश्व रिकॉर्ड बनाया। इसके साथ ही 20-20 में 12 गेंदों में अर्धशतक बनाने का विश्व रिकॉर्ड भी उनके नाम है।

शानदार रहा इंटरनेशनल करियर में आगाज

क्रिकेट के शॉर्टर फॉर्मेट में युवराज (Yuvraj Singh) अपनी स्पिन गेंदबाजी से भी भारतीय टीम के लिए उपयोगी साबित होते रहे हैं. युवराज ने सीनियर लेवल पर अपने इंटरनेशनल करियर का आगाज अक्टूबर 2000 में नैरोबी में केन्या के खिलाफ वनडे मैच खेलकर किया था. अपना पहला टेस्ट मैच उन्होंने अक्टूबर 2003 में अपने होमग्राउंड मोहाली में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था.



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