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डीकंपोजर माध्यम से गोबर की खाद बनाकर रोजगार अपना रहीं महिलाएं, केवीके दे रहा प्रशिक्षण

महिलाओं को बेहतर रोजगार देने के लिए महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र निरंतर प्रशिक्षण देने का कार्य कर रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र पर गृह वैज्ञानिक डॉ. प्रतीक्षा सिंह द्वारा लगातार महिलाओं को स्वावलंबी बनाने कार्य किया जा रहा है। इस दौरान केंद्र के ही प्रसार वैज्ञानिक डॉ. राहुल कुमार सिंह ने बताया कि वह गांव-गांव जाकर महिलाओं के समूह में शामिल कराने के कार्य में व्यस्त रहते हैं। इस बीच महिलाओं के समूह बनाकर उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही उन्हें रोजगार के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

गोबर की खाद-

वैज्ञानिकों द्वारा महिलाओं को गोबर की खाद बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दरअसल डीकंपोजर माध्यम से गोबर की खाद बनायी जाती है। इस खाद को बनाकर बाजार में बिक्री के लिए भेजने का कार्य किया जा रहा है। ताकि बाजार में किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाली खाद मिल सके। इस प्रकार बाजार में उर्वरक बेचने वाले लोग उनके द्वारा बनायी गई खाद को खरीद कर किसानों को बेच सकते हैं।

महिलाओं को स्वावलंबी बनाना उद्देश्य-

कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा महिलाओं को स्वावलंबी बनाकर उन्हें रोजगार का माध्यम प्रदान करना ही केंद्र का उद्देश्य है। इसके लिए केंद्र के वैज्ञानिक निरंतर प्रयास कर रहे हैं। केवल गोबर की बनी खाद ही नहीं बल्कि कुछ और रोजगारपरक माध्यम महिलाओं को प्रदान किए जा रहें हैं। वैज्ञानिक राहुल सिंह ने बताया कि महिलाओं गाँव में पशुपालन करती हैं जिसके फलस्वरूप उन्हें गोबर की खाद बनाकर बिक्री कर अच्छी आमदनी मिल सकती है। इस प्रकार आमदनी का एक नया जरिया बनेगा।



English Summary: Women taking employment by making dung manure through decomposer, KVK giving training

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