मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राहत की खबर सामने आई है, जिससे राज्य के किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. राज्य सरकार ने गेहूं खरीद को लेकर बड़ा ऐलान कर निर्धारित तारीख 10 अप्रैल तय की गई थी. इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा करते हुए खरीद की तारीख में बड़ा बदलाव कर किसानों की चिंता को दूर कर दिया है. यानी अब गेहूं की खरीद 10 तारीख से एक दिन पहले की जाएगी.
किन किसानों को मिलेगी प्राथमिकता?
इस बार गेहूं खरीदी प्रक्रिया में लघु और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी. ऐसे किसानों से सबसे पहले गेहूं की खरीदी की जाएगी, ताकि उन्हें बाजार में भटकना न पड़े और उचित मूल्य मिल सके. इसके लिए स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई है. किसान ऑनलाइन या निर्धारित केंद्रों के माध्यम से अपनी स्लॉट बुक कर सकते हैं.
कितने उपार्जन केंद्र बनाए गए ?
गेहूं खरीद के लिए इस बार सरकार ने बेहतर स्तर पर तैयारी की है. यानी की इस बार राज्य सरकार ने कुल 3627 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं. साथ ही इन केंद्रों पर किसानों के लिए सभी सुविधा उपलब्ध करवाई गई है. इन सुविधाओं में किसानों के लिए बैठने की और पानी व्यवस्था विशेष रुप से की गई है, ताकि तेज गर्मी में किसानों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़ें.
19 लाख से ज्यादा किसानों ने कराया पंजीयन
इस वर्ष गेहूं बेचने के लिए 19 लाख से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है. यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि किसानों का सरकार की खरीदी व्यवस्था पर भरोसा बढ़ा है. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी पंजीकृत किसानों की उपज समय पर खरीदी जाए और भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो.
कब से शुरु होगी गेहूं की खरीद
मध्य प्रदेश सरकार ने पहले गेहूं की खरीद की तारीख 10 अप्रैल तय की थी, जिसके चलते मौसम के बिगड़ते हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा करते हुए खरीद की तारीख में बड़ा बदलाव कर 9 अप्रैल कर दिया है, ताकि किसान नुकसान से बच सकें और समय पर अपनी फसल को केंद्रों पर बेच सकें.
MSP के साथ बोनस का भी लाभ
सरकार ने इस साल गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,625 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है. इसके अलावा किसानों को 40 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस भी दिया जाएगा. यानी किसानों को कुल मिलाकर 2,665 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ मिलेगा. इससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है और उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सकेगा.
लेखक: रवीना सिंह
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