केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को संसद में संघ बजट 2026-27 पेश किया. यह उनका लगातार नौवां बजट है, जो भारतीय इतिहास में एक रिकॉर्ड है. यह बजट मोदी सरकार 3.0 का तीसरा पूर्ण बजट है. 53.5 लाख करोड़ रुपये के इस बजट का मुख्य उद्देश्य विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को साकार करना है. बजट में आर्थिक विकास को गति देने, रोजगार के नए अवसर सृजित करने, आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करने और गरीबी कम करने पर विशेष जोर दिया गया है. युवाओं के लिए कौशल विकास, महिलाओं के लिए सशक्तिकरण और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि तकनीक पर बड़े निवेश की घोषणाएं की गई हैं.
बजट 2026-27: किस मंत्रालय को क्या मिला?
सरकार ने बुनियादी ढांचे और सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता में सबसे ऊपर रखा है. मंत्रालयों के अनुसार आवंटन की सूची इस प्रकार है:-
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मंत्रालय |
आवंटित बजट (करोड़ रुपये में) |
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परिवहन |
₹5,98,520 |
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रक्षा |
₹5,94,585 |
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ग्रामीण विकास |
₹2,73,108 |
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गृह मंत्रालय |
₹2,55,234 |
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कृषि |
₹1,62,671 |
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शिक्षा |
₹1,39,289 |
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ऊर्जा |
₹1,09,029 |
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स्वास्थ्य |
₹1,04,599 |
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शहरी विकास |
₹85,522 |
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आईटी और टेलीकॉम |
₹74,560 |
कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन: आय बढ़ाने का नया विजन
कृषि क्षेत्र के लिए बजट 2026-27 तकनीक और विविधीकरण (Diversification) पर केंद्रित है:
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पशुपालन और डेयरी: सरकार 'लोन-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी' के माध्यम से निजी क्षेत्र को डेयरी, पोल्ट्री और ब्रीडिंग सुविधाओं में निवेश के लिए प्रोत्साहित करेगी.
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मत्स्य पालन और 'नीली क्रांति': सरकार 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का विकास करेगी. महिलाओं के नेतृत्व वाले समूहों को 'FISH FPO' से जोड़कर उनकी बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाई जाएगी.
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उच्च मूल्य वाली कृषि: पारंपरिक फसलों के साथ-साथ सैंडलवुड (चंदन) की खेती और इसकी पोस्ट-हार्वेस्ट प्रोसेसिंग पर विशेष जोर दिया गया है.
डिजिटल कृषि: 'भारत-विस्टार' और AI का जादू
खेती को स्मार्ट और वैज्ञानिक बनाने के लिए सरकार ने डिजिटल बुनियादी ढांचे पर दांव लगाया है:
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AgriStack पोर्टल: इस पोर्टल को ICAR के पैकेजों के साथ एकीकृत किया गया है.
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): AI के माध्यम से किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता, सटीक मौसम पूर्वानुमान और कीट नियंत्रण की जानकारी अब मोबाइल पर ही उपलब्ध होगी.
महिला सशक्तिकरण: 'लखपति दीदी' से 'बिजनेसवुमेन' तक
लखपति दीदी योजना की अभूतपूर्व सफलता को देखते हुए सरकार ने इसका विस्तार किया है. अब सरकार महिलाओं को केवल आजीविका तक सीमित न रखकर उन्हें उद्यमी (Entrepreneur) बनाने की दिशा में काम करेगी. इसके लिए विशेष वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे.
ग्रामीण और टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए नई योजनाएं
बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और हथकरघा क्षेत्र को मजबूती देने के लिए कई नई योजनाओं का ऐलान किया गया है:
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राष्ट्रीय फाइबर योजना: वस्त्र उद्योग में कच्चे माल की आपूर्ति और गुणवत्ता सुधार के लिए.
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वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना: टेक्सटाइल सेक्टर में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के लिए.
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महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना: ग्रामीण बुनियादी ढांचे और स्व-शासन को सशक्त बनाने के लिए.
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राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प कार्यक्रम: पारंपरिक कारीगरों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए.
टैक्स राहत और सुधार
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सहकारी समितियां: नई टैक्स व्यवस्था में सहकारी समितियों के लाभांश (Dividend) को कटौती के रूप में शामिल करने की अनुमति मिली है.
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मत्स्य व्यापार: गहरे समुद्र (High Seas) में पकड़ी गई मछलियों को ड्यूटी-फ्री कर दिया गया है, जिससे निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी.
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