आज कल फ्रांस का दल कर रहा पंतनगर विश्वविधालय का भ्रमण

चित्र : फ्रांस प्रतिनिधिमंडल के साथ 'इंडिया डे' के आयोजन से सम्बन्धित बैठक करते कुलपति, प्रो. ए.के. मिश्रा।

पंतनगर विश्वविधालय का फ्रांस के एक व्यावसायिक फिश फार्मिंग संस्थान के साथ एक दशक पहले द्विपक्षीय करार शुरू हुथा, जिसमें विश्वविधालय के मत्स्य विज्ञान 

महाविधालय के साथ विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के आदान-प्रदान की व्यवस्था थी, आज यह करार बहुआयामी हो गया है। फ्रांस के विभिन्न संस्थानों का एक 18 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल जिसके इन्डिया नेटवर्क कोआर्डीनेटर, प्रोफेसर क्रिस्टोफ ग्रोल हैं, के नेतृत्व में विश्वविद्यालय के पांच दिवसीय भ्रमण पर है।

वर्ष 2016 से लागू विश्वविद्यालय एवं फ्रांस के डेफाइया कन्सार्टियम (DEEIAA Consortium) के बीच हुए द्विपक्षीय करार के अन्तर्गत विश्वविधालय के छः महाविद्यालय के सात कार्यक्रमों के 20-21 विद्यार्थियों के फ्रांस में दो माह का प्रशिक्षण प्राप्त करने तथा फ्रांस के उतने ही विद्यार्थियों का पंतनगर विश्वविद्यालय में एक माह के प्रशिक्षण का कार्यक्रम चल रहा है। इसके अन्तर्गत शिक्षकों के भी अल्पकालीन अवधि के प्रशिक्षणीय आदान प्रदान का प्राविधान है। छः शिक्षकों का नौ दिवसीय फ्रांस भ्रमण का कार्यक्रम दिसम्बर 2017 में है तथा जनवरी 2018 में पंतनगर के 19 छात्रों को दो माह के प्रशिक्षण पर फ्रांस जाना है। सहभागिता को अधिक सदृढ़ करने हेतु विश्वविद्यालय के स्थापना सप्ताह के उपलक्ष्य में फ्रांसीसी भ्रमण दल द्वारा 13 नवम्बर 2017 को यूनिवर्सिटी में फ्रेन्च डे का आयोजन किया गया और इसी प्रकार फ्रांस में भी इन्डिया डे के आयोजन का कार्यक्रम है। इसके अन्तर्गत विश्वविद्यालय के अधिष्ठाताओं, निदेशकों के साथ फ्रांसीसी प्रतिनिधि मंडल की कुलपति जी की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। इस कार्यक्रम हेतु नियुक्त नोडल आफिसर, डा.आई.जे. सिंह, अधिष्ठाता, मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय, द्वारा कार्यक्रम की पृष्ठभूमि तथा वर्तमान कार्यक्रम का विवरण देते हुए अतिथियों का स्वागत किया गया।

फ्रांसीसी संयोजक के द्वारा कार्यक्रम की प्रस्तुति के साथ विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा उनके संस्थानों के कार्यक्रमों की भी जानकारी दी गई। अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में कुलपति प्रो--के मिश्रा, ने कार्यक्रम की रूपरेखा एवं प्रगति की प्रशंसा करते हुए इसे और अधिक सुदृढ़ एवं प्रसारित करने पर बल दिया। फ्रांसीसी दल में फ्रांस दूतावास से एग्रीकल्चर काउन्सलर, मिस फ्रेन्कोइस मोरीउलालाने, तथा फ्रांस कैम्पस, नई दिल्ली की मिस विक्टोरिया डोबरिट्ज द्वारा भी प्रतिभाग किया गया। दिसम्बर में फ्रांस जाने वाले शिक्षकोंए जनवरी 2018 में जाने वाले विद्यार्थियों तथा पूर्व में फ्रांस में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके विद्यार्थियों द्वारा भी प्रतिभाग एवं सहयोग किया गया। फ्रांस से मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय में प्रशिक्षण के लिए आए दो विद्यार्थियों द्वारा भी प्रतिभाग किया गया। इसी के अन्तर्गत तीन व्याख्यानों का भी आयोजन हुआ जिसमें कैम्पस फ्रांस नई दिल्ली, की प्रतिनिधि द्वारा दूतावास तथा फ्रांस द्वारा दी जा रही सेवाओं एवं सुविधाओं के साथ फ्रांस जाने वाले शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए वीज़ा इत्यादि प्राप्ति के लिए आवश्यक जानकारी दी गई। उच्च शैक्षाणिक संस्थानों, सुपैग्रो मान्टप्लियर तथा एन्सफिया, से टाउलाएस आये प्रतिनिधि द्वारा सम्बधित संस्थानों के विभिन्न उच्च अध्ययन से सम्बन्धित शैक्षिक कार्यक्रमों की जानकारी दी गई, जिससे विश्वविद्यालय के छात्र उच्च अध्ययन हेतु लाभान्वित हो सकें।

अंत में एक रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमें फ्रांसीसी प्रतिनिधि तथा विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। रात्रिभोज पर विभिन्न फ्रांसीसी उत्पाद जो यह प्रतिनिधिमंडल साथ लाया थाए तथा कुछ उत्पाद जो फ्रांस में प्रशिक्षण प्राप्त विद्यार्थियों ने बनाये थे, प्रदर्शित किये गये जिनका सभी के द्वारा रसोस्वादन किया गया।

 

गृह विज्ञान महाविद्यालय में प्रदशनी का आयोजन

चित्र : प्रदर्षनी सीटी संकलन-17 का अवलोकन करते कुलपति, प्रो, ए.के. मिश्रा, डा. रीता सिंह रधुवंषी एवं अन्य

पंतनगर विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान महाविद्यालय में 'सीटी संकलन-17' प्रदर्षनी का आयोजन किया गया, जिसका शुभारम्भ कुलपति, प्रो. ए.के. मिश्रा, ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर महाविद्यालय की अधिष्ठात्री, डा. रीता सिंह रधुवंशी, तथा वस्त्र एवं परिधान विभाग की प्राध्यापक, डा. अलका गोयल, के साथ-साथ अन्य शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। यह प्रदर्शनी वस्त्र एवं परिधान विभाग के तीसरे वर्ष के स्नातक विद्यार्थियों द्वारा आयोजित की गयी, जिनका विशेष विषय परिधान डिजायनिंग है। प्रदर्षनी में विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न तकनीकों, जो डाईंग एवं प्रिंटिंग पाठ्यक्रम में सीखायीं गयीं, से बनाये गये परिधानों को प्रदर्षित किया गया। प्रदर्षित परिधानों की बिक्री भी की गयी। विद्यार्थियों द्वारा इन तकनीकों को पिलखुवा, हापुड़ के उद्यमियों से भी प्रयोगात्मक रूप से सीखा गया। प्रदर्षनी के आयोजन में डा. अलका गोयल, डा. अनिता रानी, श्रीमती सोनू रानी इत्यादि ने सहयोग दिया।

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