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मंत्री ने कहा- नए सिरे से बनेंगी सिंचाई योजनाएं, 50 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी सरकार

 

शनिवार को खुला मंच की सातवीं कड़ी में कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार उपस्थित थे। मंत्री ने कहा कि कृषि संबंधी योजना बनाने में पाठकों के सुझावों का ध्यान रखा जाएगा। किसानों की आय दोगुना करने और कम खाद व पानी के उपयोग से अधिक उत्पादन लेने की दिशा में काम चल रहा है।

निरंजन कुमार ने पूछा कि क्लाइमेट चेंज को ध्यान में रखते हुए सिंचाई के लिए सरकार क्या कर रही है? 

 

मंत्री: कृषि विकास सरकार की प्राथमिकता है। सिंचाई के लिए बनी जिला योजना की ग्राउंड रियलिटी चेक कर आवश्यकतानुसार नए सिरे से सिंचाई योजनाएं बनेंगी। यह भी देखा जाएगा कि किस स्रोत से कितनी सिंचाई हो रही है। कितनी बंजर जमीन है। खेती योग्य कितनी जमीन है, जहां सिंचाई का कोई साधन नहीं है। अगले पांच साल में सिंचाई पर सरकार 50 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी। हमें लगता है कि सिंचाई के लिए चली रही कुछ योजनाएं सही नहीं हैं, इसलिए क्रॉस चेक कराएंगे। पंचायत तक अधिकारी जाकर स्थिति का आकलन करेंगे। किसानों से भी फीडबैक लिया जाएगा। जल संसाधन विभाग के माध्यम से सिंचाई की बड़ी योजनाओं पर 24614 करोड़ और लघु जल संसाधन के माध्यम से 25777 करोड़ की राशि खर्च होनी है। 9 नवंबर को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 1.54 लाख करोड़ के कृषि रोडमैप का शुभारंभ किया है। क्लाइमेट चेंज को ध्यान में रखते हुए फसल योजना लागू की जा रही है। कम पानी में खेती के लिए मल्चिंग और ड्रिप एरिगेशन योजना पर किसानों को अनुदान दिया जा रहा है। वर्षा जल के संचय पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

 

राजेंद्र कुमार गुप्ता ने पूछा कि किसानों को फसल की उपज का उचित मूल्य क्यों नहीं मिलता, क्या सरकार के पास किसानों का डाटाबेस है? 

 

मंत्री : किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार कटिबद्ध है। इसके लिए सभी उपाय किए जा रहे हैं। किसानों का डाटाबेस कुछ तो है। छूटे हुए किसानों का विभाग में निबंधन कर डाटाबेस बनाया जा रहा है। किसान दो तरह के हैं, एक जो स्वयं की खेत पर खेती करते हैं। दूसरा, बटाईदार किसान। किसानों का बैंक खाता लेकर इसे आधार से लिंक कराया जा रहा है। किसानों को अनुदान से लेकर हर प्रकार की योजना का लाभ डीबीटी के माध्यम से दिया जाएगा। किसानों की आमदनी दोगुना करने की दिशा में काम हो रहा है। फसलों का बीमा कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को नुकसान का पूरा लाभ दिलाने की व्यवस्था है।

 

वीरेंद्र कुमार सिंह ने पूछा कि विभागों की तरह क्या कृषि विभाग भी रिटायर्ड अधिकारी-कर्मी से काम लेगा? 

मंत्री : अफसरों व कर्मियों की कमी को देखते हुए इन्हें दो साल एक्सटेंशन देने पर विचार चल रहा है। अनुबंध पर ऐसे अफसरों और कर्मचारियों को रखा जा सकता है। कार्मिक विभाग को इस संबंध में जल्द प्रस्ताव भेजा जाएगा।

 

साभार

दैनिक भास्कर



English Summary: The Minister said that the government will spend Rs 50 thousand crore for irrigation schemes to be renewed.

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