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पूर्वी भारत का सबसे बड़ा कृषि यंत्रों का लगा मेला

पटना : बिहार के कृषि मंत्री राम विचार राय ने कहा है कि कृषि यंत्र किसानों के लिए वरदान हैं। ये फसलों की बुआई से लेकर कटाई और पैदावार को खलिहान से घर तक पहुंचाने में बेहद मददगार साबित हो रहे हैं। राम विचार राय 22 फरवरी को गांधी मैदान में शुरू हुए कृषि यंत्न मेले व प्रदर्शनी के उद्घाटन कार्यक्र  म को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कृषि मेले में देसी-विदेशी कंपनियां भाग ले रहीं हैं। बड़ी संख्या में कृषि उपकरण प्रदिर्शत किए गए हैं। 25 फरवरी तक चलने वाली यह प्रदर्शनी तीन लाख वर्ग फीट में लगाई गई है। इसमें सौ से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि एग्रो बिहार पूर्वी भारत का सबसे बड़ा कृषि यंत्नों का मेला है। उन्होंने किसानों से खेती में उन्नत तकनीक अपनाने की अपील की। कृषि मंत्नी ने कहा कि इस तरह के मेले से किसानों को काफी लाभ मिलता है। किसान सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर न सिर्फ बेहतर खेती कर सकेंगे, बल्कि उनकी आर्थिक प्रगति भी होगी। कृषि यंत्नों की वजह से ही किसान अब एक की जगह तीन फसल उगा पाते हैं।

कृषि वैज्ञानिकों की सलाह से खेती करनी चाहिए। मंत्नी ने कहा कि किसानों को कृषि यंत्नों पर 175 करोड का अनुदान देने की व्यवस्था की गयी है। विभाग ने कृषि यंत्न को लेकर एप विकिसत किया है. इस पर किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. राज्य में 138 कस्टमर हायरिंग सेंटर खुलेंगे।  इस अवसर पर कृषि विभाग के प्रधान सचिव सुधीर कुमार, कृषि निदेशक हिमांशु कुमार राय, निदेशक उद्यान अरविंदर सिंह व सीआइआइ की बिहार स्टेट कांउिसल के उपाध्यक्ष प्रभात कुमार सिन्हा भी मौजूद थे। यह राज्यस्तरीय प्रदर्शनी सीआइआइ के सहयोग से वर्ष 2011 से लगातार आयोजित की जा रही है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रदर्शनी व मेले में तमिलनाडु, महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब, गुजरात, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश व आंध्र प्रदेश आदि राज्यों के कृषि यंत्न निर्माता कंपनियों ने स्टॉल लगाया है। किसानों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। मेले में इजरायल, जापान और बांग्लादेश के प्रतिनिधियों ने आने की पुष्टि की है। 



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