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सब्ज़ियों की कीमत से छूटे पसीने

बढ़ती गर्मी का असर अब इंसानो के साथ साथ सब्ज़ियों पर भी होने लगा है.  पहले तो लोग सिर्फ गर्मी से परेशान थे लेकिन अब सब्ज़ियों की कीमत में आये उछाल से भी लोगो के पसीने छूटने लगे है. गर्मी से सब्जियों की बेल नष्ट होने की वजह से कई सब्जियों के दाम 15 दिनों में दोगुने तक हो गए हैं. हरी सब्जियों के दाम में भी बढ़ोतरी हुई है. गर्मी के सीजन में आमतौर पर सीजनल सब्जियों की आवक कम होने लगती है. मंडी में आवक घटने से सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं.

सब्जी बेचने वाले के हिसाब से गर्मी से बेल वाली सब्जियों के दाम सबसे ज्यादा बढ़े हैं. इसकी वजह गर्मी के चलते बेलों को पहुंचने वाला नुकसान है. हालांकि, आलू की कीमत 20 रुपये प्रति किलोग्राम ही  बनी हुई हैं और यह लोगों के लिए राहत की बात है. वहीं, प्याज, भिंडी, शिमला मिर्च और टमाटर के रेट तक बढ़ गए हैं. खरीदारों का कहना है कि खाने का जायका बनाए रखने के लिए टमाटर और प्याज तो लेना ही है. बाकी सब्जियों में भले ही कटौती करें.

सब्ज़ी या सलाद

अभी सब्जियों के दामों में गिरावट की संभावना नहीं हैं. अब जो रेट एक बार चढ़ गए हैं, यह लंबे समय तक बने रह सकते हैं.  मॉनसून में अधिक बारिश होने पर बची बेल भी ख़राब  हो सकती हैं. इससे सब्जियों की बिक्री घटेगी और दाम बढ़ सकते हैं.

सब्जी

अभी का रेट

पहले का रेट

 

 

 

 

भिंडी

50

20

आलू

20

20

शिमला मिर्च

80

40

टमाटर

20

10

फूल गोभी

70

30

मटर

100

60

घीया

30

20

पेठा

20

15

तोरी

40

20

पालक

40

20

खीरा

40

20

 

वर्षा



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