पोलियो वैक्सीनेशन की दिशा में वैज्ञानिकों ने की एक बड़ी खोज

मीडिया में आई ख़बरों के मुताबिक, वैज्ञानिकों ने पोलियो की एक नई दवाई बनाई है जिसे फ्रिज में रखने की भी जरूरत नहीं है और इसे दुनियाभर में कहीं भी इस्तेमाल में लाया जा सकता है. 'यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ कैरोलिना' (यूएससी) के शोधकर्ताओं द्वारा विकसित की गई इंजेक्शन के माध्यम से दी जाने वाली दवाई पाउडर के रूप में जमी हुई और सूखी है. इसे सामान्य तापमान पर चार सप्ताह तक रखा जा सकता है जिसे बाद में रिहाइड्रेट भी किया जा सकता है.

गौरतलब है कि शोधकर्ताओं ने इस दवाई का चूहों पर परीक्षण करके निष्कर्ष निकला है. यह नई दवाई पोलियो के विषाणु से पूरी तरह रक्षा करती है. ख़बरों के मुताबिक, यूएससी के 'के स्कूल ऑफ मेडीसिन' में मुख्य शोधकर्ता वू-जिन शिन ने कहा, "स्थिरीकरण कोई रॉकेट विज्ञान नहीं है इसलिए ज्यादातर वैज्ञानिक इस क्षेत्र में ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं, हालांकि, किसी दवाई या टीका के शानदार होने से तब तक फर्क नहीं पड़ता जब तक एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में वह ठीक न हो." वैज्ञानिकों का यह शोध 'एनबायो' में प्रकाशित हुआ है.

आपकी जानकारी के लिए बता दे, कि इससे पहले वैज्ञानिक सूखा कर, नमी खत्म करके चेचक, टाईफाइड और मेनिंगोकोकल जैसे गंभीर बीमारियों के लिए सामान्य तापमान में स्थिर रहने वाले टीके को बना सके थे. लेकिन वैज्ञानिक अभी तक पोलियो के लिए कोई ऐसा टीका नहीं बना पाए थे, जो जमाने-सुखाने के बाद दोबारा नम मौसम में प्रभावशाली बनी रह सके. लेकिन अब ' यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ कैरोलिना' (यूएससी) के शोधकर्ताओं के द्वारा की गई शोध से मुमकिन हो गया हैं.

विवेक राय, कृषि जागरण

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