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खाद वितरण की नई व्यवस्था! 1 अप्रैल से ई-टोकन अनिवार्य, किसानों को करना होगा पहले पंजीकरण

E-Token System For Fertilizer: मध्यप्रदेश के किसानों के लिए खाद वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव किया गया है. अब राज्य के किसानों को ई-टोकन के माध्यम से खाद वितरण किया जाएगा. आइए इस नई व्यवस्था के बारे में विस्तारपूर्वक जानें..

KJ Staff
farmer
खाद वितरण की नई व्यवस्था (Image Source-istockphoto)

मध्यप्रदेश के रीवा जिले के किसानों के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है खाद वितरण की नई प्रणाली लागू करके यानी की अब किसानों को  ई-टोकन प्रणाली के तहत खाद वितरण कराया जाएगा. इस नई प्रणाली को राज्य सरकार ने इसलिए लागू किया है, ताकि फर्जीवाड़ें पर रोक लगाई जा सकें.

बता दे कि यह प्रणाली रीवा जिले के किसानों के लिए 1 अप्रैल से लागू कर दी जाएगी. साथ ही जिले की कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए है कि इस प्रणाली को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि किसानों को समय पर हर जानकारी मिलती रहें और उन्हें किसी परेशानी का सामना न करना पड़े.

किसानों को ई-टोकन की जानकारी कैसे मिलेगी?

मध्यप्रदेश रीवा के किसानों को व्यापक रुप से इस नई प्रणाली की जानकारी दी जाएंगी. साथ ही राज्य सरकार ने सहकारी समितियों और विपणन विभाग को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है. इन विभागों की ओर से किसान भाइयों को यह फायदा होगा कि समय पर सभी जानकारी उन तक पहुंचती रहेगी. इसके अलावा, विभागों की ओर से किसानों को यह बताया जाएगा कि कैसे ई-टोकन बनवाना है, उन्हें ई-टोकन कैसे उपलब्ध कराया जाएगा और खाद लेने की क्या प्रक्रिया क्या होगी.

प्रशासन का क्या कहना है?

रीवा जिले के किसानों के लिए प्रशासन ने यह कहां है कि अभी तक जिन किसानों की फार्मर आईडी नई बनी है. उन किसान भाइयों को खाद मिलने में किसी परेशानी का सामना न करना पड़ें और इन किसानों को भी समय पर खाद मिलता रहें इसके लिए नई व्यवस्था का इंतजाम किया जा रहा है, ताकि जिले का कोई भी पात्र किसान खाद से वंचित न रह सकें.

गेहूं उपार्जन पर भी सख्ती

समीक्षा बैठक में गेहूं उपार्जन को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए. कलेक्टर ने अधिकारियों को पंजीकृत किसानों के रकबे का 100 प्रतिशत सत्यापन करने के लिए कहा. उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल वास्तविक किसानों को ही उपार्जन का लाभ मिलना चाहिए.

यदि किसी किसान के रकबे में असामान्य वृद्धि पाई जाती है, तो उसकी मौके पर जांच की जाएगी. इसके लिए संबंधित एसडीएम को जिम्मेदारी दी गई है. इस कदम का उद्देश्य फर्जी पंजीकरण और गलत तरीके से लाभ लेने की प्रवृत्ति को रोकना है.

सीएम हेल्पलाइन शिकायतों पर फोकस

समीक्षा बैठक में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की भी विस्तार से समीक्षा की गई. कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कोई भी शिकायत लंबित न रहे और सभी मामलों का समय पर समाधान किया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि जिन विभागों की रैंकिंग C और D श्रेणी में है, उन्हें A श्रेणी में लाने के लिए अतिरिक्त प्रयास किए जाएं. यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

ई-टोकन प्रणाली से क्या होगा फायदा?

नई ई-टोकन प्रणाली के लागू होने से किसानों की कई समस्याओं का समाधान होने की उम्मीद है इस प्रकार-

  •  लंबी कतारों से राहत मिलेगी

  •  समयबद्ध तरीके से खाद वितरण होगा

  •  केवल पात्र किसानों को ही लाभ मिलेगा

  •  फर्जीवाड़ा और कालाबाजारी पर रोक लगेगी

कुल मिलाकर, 1 अप्रैल से लागू होने वाली यह नई व्यवस्था रीवा जिले के किसानों के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है, जिसका उद्देश्य उन्हें बेहतर और निष्पक्ष सेवाएं प्रदान करना है.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Rewa Farmers will not receive Fertilizer without E-Token Published on: 28 March 2026, 03:25 PM IST

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