
Agriculture loan scheme: राजस्थान सरकार ने किसानों को राहत देते हुए खरीफ-2024 में वितरित अल्पकालीन ब्याजमुक्त फसली ऋण की अदायगी तिथि बढ़ाने का फैसला लिया है. सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक ने बताया कि इस निर्णय को लागू करने के लिए वित्त विभाग से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है. सरकार के इस कदम से प्रदेश के 2.19 लाख से अधिक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा. नई समय सीमा के तहत किसान अब 30 जून तक या ऋण लेने की तारीख से 12 महीने के भीतर अपनी ऋण राशि चुका सकेंगे, जिससे उन पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा.
अब 30 जून तक चुकाया जा सकेगा ऋण
मंत्री गौतम कुमार दक ने बताया कि केन्द्रीय सहकारी बैंकों के माध्यम से पैक्स (PACS) और लैम्प्स (LAMPS) के जरिए खरीफ-2024 सीजन में लिए गए फसली ऋण को चुकाने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 जून कर दी गई है. साथ ही, किसान यदि 12 महीने की अवधि के भीतर ऋण चुकाना चाहें तो वे भी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं. पहले यह अवधि 31 मार्च तक निर्धारित थी, जिसे आगे बढ़ाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी.
किसानों को बड़ा लाभ, आर्थिक बोझ से मिलेगी राहत
सरकार के इस फैसले से किसानों को काफी राहत मिलेगी. यदि तिथि आगे नहीं बढ़ाई जाती, तो लगभग 2.19 लाख किसानों पर 778 करोड़ रुपये का बकाया ऋण अवधिपार हो जाता. ऐसी स्थिति में न केवल किसानों को शून्य ब्याज दर पर फसली ऋण सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता, बल्कि उन्हें अतिरिक्त दो प्रतिशत पेनल्टी का भुगतान भी करना पड़ता.
सरकार का किसानों के प्रति संवेदनशील रुख
कृषि प्रधान राज्य राजस्थान में किसानों के लिए यह निर्णय महत्वपूर्ण साबित होगा. सहकारिता मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार कार्य कर रही है और उनकी आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रयासरत है. ब्याजमुक्त फसली ऋण योजना के तहत किसान बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के अपनी फसलों की देखभाल कर सकते हैं.
कृषि क्षेत्र को मिलेगा संबल
राजस्थान सरकार के इस कदम से कृषि क्षेत्र को संबल मिलेगा और किसानों को ऋण चुकाने के लिए अतिरिक्त समय मिलने से वे अपनी आगामी फसलों की बेहतर तैयारी कर सकेंगे. सरकार का यह प्रयास राज्य में सहकारी ऋण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
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