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कृषि विज्ञान केंद्र : किसान दिवस एवं रबी किसान सम्मेलन

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली स्थित कृषि विज्ञान केंद्र, उजवा, नई दिल्ली के द्वारा देश के पांचवे प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की स्मृति में किसान दिवस व रबी किसान सम्मेलन का आयोजन 23 दिसंबर, 2018 को किया गया. यह आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र के परिसर में किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर डॉ.वेद प्रकाश चहल, सहायक महानिर्देशक (कृषि प्रसार), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, एवं अध्यक्ष के तौर पर डॉ.बी.के सिंह, अध्यक्ष (केठेट),भा.कृ.अ.प. मौजूद रहे. कार्यक्रम में पादप सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ.नावेद शाबिर, प्रधान वैज्ञानिक डॉ. औमप्रकाश, प्रधान वैज्ञानिक एवं सस्य विज्ञान विशेषज्ञ ने की. कार्यक्रम में लगभग 250 किसानों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया.

कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र के समन्वयक डॉ.पी.के.गुप्ता ने किसानों को ‘किसान दिवस’ की बधाई देते हुए मुख्य अतिथि एवं किसानों का स्वागत किया इसके साथ ही किसानों रबी फसलों के रखरखाव, मौसम एवं कीटों से बचाने के लिए अपने सुझाव रखे व वैज्ञानिक खेती करने के लिए किसानों की सलाह दी. कार्यक्रम में आगे पादप सुरक्षा के विशेषज्ञ डॉ. नावेद शाबिर ने कीटों व बीमारियों के विषय पर प्रकाश डाला. उन्होंने बीमारीयों व कीटों के नियंत्रण के लिए तीन सिद्धांत बताए- सुझाव, निगरानी, बचाव एवं इस पर बल देते हुए कहा कि आप बीमारियों व कीटों से फसलों का बचाव करते हुए चलना चाहिए एवं पहले सावधानी रखते हुए कम-से कम कीटनाशकों व फफुंदनाशकों का प्रयोग करना चाहिए जिससे हमारी पृथ्वी, पर्यावरण, मनुषय, व जीव-जंतु स्वस्थ बने रहे. उन्होंने किसानों को प्राकृतिक कीटों (मित्र कीटों) का बचाव करते हुए फसल को सुरक्षा प्रदान करती है.

इसी क्रम में कार्यक्रम  के मुख्य अतिथि डॉ. वेद प्रकाश चहल ने किसानों को पारंपरिक पद्वति से खेती से हटकर बाजार की मांग व उद्यमी को बढ़ावा देकर खेती करने की सलाह दी. उन्होंने किसानों को वर्तमान के बाज़ार की मांग को मध्य रखकर व अनुबंध को मध्य नज़र रखकर किसान उत्पादन संगठन (FPO) बनाकर, किसान समूह बनाकर एवं स्वय सहायता समूह बनाकर खेती करने की सलाह दी. उन्होंने कहा ऐसा करने से लघु व सिमांत (1-2 हैक्टेयर) के किसानों को कम लागत लगाकर व आर्थिक सहायता प्रदान करके खेती से उत्पादन व बाज़ार में उचित दाम पर प्राप्त करके बढ़ावा दे सकते हैं. डॉ. चहल ने किसानों को खेती के साथ-साथ अलग उद्यमी (पशु पालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन एवं सब्जी उत्पादन) जोड़कर खेती करने की सलाह दी. उन्होंने बाज़ार की मांग पर जोर देते हुए कहा कि आप लोगों को खुद व सीधे बाजार एवं थोक बाजार की तरफ रुख करना चाहिए. डॉ. बीं.के. सिंह व डॉ. ओम प्रकाश ने अपने सुझाव व वैज्ञानिक खेती से जुड़ी जानकारी किसानों के सामने रखी. कार्यक्रम में श्रीमति रितु सिंह (गृह विज्ञान), राकेश कुमार (बागवानी), डॉ. समर पाल सिंह (सस्य विज्ञान), कैलाश जाखड़ (कृषि प्रसार), ब्रिजेश यादव (मृदा विज्ञान) के सभी विशेषज्ञों ने किसानों के समक्ष अपने- अपने सुझाव रखे.



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