राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (एनएचआरडीएफ) द्वारा आयोजित पांच दिवसीय (9 से 13 फ़रवरी 2026) प्रशिक्षण कार्यक्रम “मशरूम उत्पादन तकनीक एवं सस्योत्तर प्रबंधन” का सफल आयोजन किया गया जिसका समापन 13 फ़रवरी, 2026 को सम्पन्न हुआ. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, राजस्थान एवं दिल्ली से 32 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया. कार्यक्रम का उद्घाटन राजबीर सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एनएचआरडीएफ द्वारा किया गया.
उद्घाटन सत्र में दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना एवं एनएचआरडीएफ गीत का आयोजन किया गया, जिससे कार्यक्रम का प्रेरणादायी शुभारंभ हुआ. डॉ. एस. के. तिवारी, सहायक निदेशक ने एनएचआरडीएफ के चल रहे कार्यक्रमों, अनुसंधान गतिविधियों तथा विस्तार कार्यों का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया.
पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन 13 फ़रवरी, 2026 को राजबीर सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एनएचआरडीएफ के संबोधन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने खाद्य एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने में मशरूम उत्पादन के महत्व पर प्रकाश डाला, प्रशिक्षुओं को अपने-अपने क्षेत्रों में अर्जित ज्ञान के प्रसार हेतु प्रेरित किया तथा सफल मशरूम उद्यम स्थापित करने के लिए उपलब्ध विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं प्रोत्साहनों की जानकारी दी.
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान खाद्य, पोषण एवं आर्थिक सुरक्षा से संबंधित विभिन्न विषयों को सम्मिलित किया गया, जिसमें इन आवश्यकताओं की पूर्ति में मशरूम उत्पादन की भूमिका पर विशेष बल दिया गया. प्रतिभागियों को धान के पुआल एवं गेहूँ के भूसे जैसे कृषि अवशेषों के वैज्ञानिक उपयोग एवं निपटान के प्रति संवेदनशील बनाया गया तथा पराली जलाने जैसी हानिकारक प्रथाओं से बचने के लिए जागरूक किया गया. व्यावहारिक अनुभव एवं बेहतर अधिगम के उद्देश्य से प्रतिभागियों ने डॉ. अजय वर्मा के मार्गदर्शन में एचएआईसी मशरूम अनुसंधान एवं विकास केंद्र, मुरथल तथा हरियाणा के सोनीपत स्थित बिजेन्द्र धनखड़ के मशरूम फार्म का भी भ्रमण किया.
एस.सी. तिवारी, सहायक निदेशक एवं प्रशिक्षण समन्वयक ने बटन, डिंगरी (ऑयस्टर), मिल्की तथा शिटाके मशरूम की खेती पर विस्तृत सत्र लिए और मशरूम उत्पादन से जुड़ी सामान्य चुनौतियों तथा उनके समाधान पर प्रकाश डाला. उन्होंने मशरूम उत्पादन को एक लाभकारी उद्यम बताते हुए किसानों एवं बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार अपनाने और आय बढ़ाने हेतु प्रोत्साहित किया.
समापन सत्र के दौरान प्रशिक्षुओं ने कार्यक्रम की सराहना की और मशरूम उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं विपणन संबंधी प्राप्त व्यवहारिक ज्ञान तथा प्रशिक्षण का अनुभव साझा किया. उन्होंने विशेष रूप से तिवारी एवं एनएचआरडीएफ टीम के मार्गदर्शन की प्रशंसा की, जिसने उन्हें मशरूम उत्पादन उद्यम स्थापित करने की दिशा में आवश्यक कौशल प्रदान किए.
इस अवसर पर राजबीर सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने सभी प्रशिक्षणार्थी को प्रमाणपत्र एवं ऑयस्टर मशरूम का बैग वितरित कर उनकी सक्रिय भागीदारी एवं सफल प्रशिक्षण पूर्णता को सराहा.
समापन सत्र में डॉ.रजनीश मिश्रा (संयुक्त निदेशक), मनोज कुमार श्रीवास्तव (सलाहकार), राहुल दाबस (वित्त सलाहकार एवं मुख्य लेखा अधिकारी), संजय सिंह (उप निदेशक), ज्ञान प्रकाश द्विवेदी (उप निदेशक), एस.सी. तिवारी (सहायक निदेशक), सुधीर कुमार (सहायक निदेशक), डॉ. गुरदीप रत्तू (वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी) तथा जे.पी. शर्मा की उपस्थिति रही.
कार्यक्रम का समापन संजय सिंह, उप निदेशक द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिन्होंने सभी गणमान्य अतिथियों, प्रशिक्षकों एवं प्रतिभागियों के उत्साही सहयोग एवं योगदान के लिए आभार व्यक्त किया.
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