नील कुंजरी फुल की सुरक्षा मजबूत

आज हम बात कर रहे है ऐसे फूल के बारे में जिसकी ख़ूबसूरती के चर्चे देश में ही नहीं विदेशों में भी बहुत ज्यादा है| जिसे नीला कुरिंजी के नाम से जाना जाता है|  तीन पर्वत श्रृंखलाओं (मुथिरपुझा, नल्लथन्नी और कुंडल) के संगम पर स्थित मुन्नार समुद्र तल से 1600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।  यहां हर 12 साल में नीला कुरिंजी फूल खिलता है, जो टूरिस्टों को काफी आकर्षित करता है। इन खूबसूरत फूलों के खिलने से पहाड़ियों का रंग नीला हो जाता है, इसी कारण यहां के पहाड़ों को 'नीलगिरी' नाम भी दिया गया है। आखिरी बार 2006 में मुन्नार की पहाड़ियों पर नीला कुरिंजी का फूल खिला था। अब यह 2018 में टूरिस्टों को देखने मिलेगा। जो टूरिस्टों को काफी आकर्षित करता है।

तमिलनाडु सरकार ने  सुरक्षा के लिए उपन्यास योजना की घोषणा की

तमिलनाडु सरकार ने विदेशी नीला कुरिनजी  पौधों की सुरक्षा के लिए एक उपन्यास योजना की घोषणा की है जो 12 साल में केवल एक बार फूलता है। शिकायतों के बाद कि इन दुर्लभ और पारिस्थितिकीय अद्वितीय फूलों को वाणिज्यिक आधार पर पैक और बेचा जा रहा है, राज्य विभाग ने चेतावनी दी है कि अपराधियों में सख्त जुर्माना लगाया जाएगा। पश्चिमी घाट के मूल निवासी कुइलाजू, विदेशी और मूल पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण है और पर्यटन से प्रमुख विदेशी मुद्रा कमाई करने वालों में से एक है। नई पहल की घोषणा करने वाले प्लाकार्ड तमिलनाडु के नीलगिरी जिले के विभिन्न सुविधाजनक बिंदुओं में रखे गए हैं।

यह तो थी 12 साल में एक बार खिलने वाले पौधे नीला  कुरिनजी फूल की  जानकारीऐसी ही ख़ास जानकारियों से आपको अवगत करवाते रहेंगे |

 

मनीशा शर्मा,कृषि जागरण

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