देश के किसानों की सरकार विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत काफी सहायता कर रही है, जिसका लाभ करोड़ों किसान भाइयों को मिल रहा है. इसी के चलते मध्य प्रदेश के सोयाबीन किसानों के लिए राहत की खबर सामने आ रही है कि खरीफ वर्ष 2026 यानी विपणन वर्ष 2026-27 में सोयाबीन की फसल के लिए भावांतर योजना के तहत किसानों का पंजीकरण की प्रक्रिया को शुरु किया जा चुका है. योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसानों को तय समय सीमा के भीतर अपना पंजीयन पूरा करना होगा.
कहां-कहां करा सकते हैं पंजीयन?
सोयाबीन किसानों को पंजीयन के लिए कई विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं. किसान अपने नजदीकी निर्धारित केंद्र पर जाकर मुफ्त में रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. निःशुल्क पंजीयन के प्रमुख केंद्र कुछ इस तरह से हैं-
-
ग्राम पंचायत स्तर पर स्थापित सुविधा केंद्र
-
जनपद पंचायत के सुविधा केंद्र
-
तहसील कार्यालय
-
सहकारी समितियों द्वारा संचालित पंजीयन केंद्र
-
सहकारी विपणन संस्थाओं के पंजीयन केंद्र
निजी केंद्रों पर कितना लगेगा शुल्क?
अगर किसान भाई इस सरकारी योजना का लाभ पाने के लिए एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), लोक सेवा केंद्र या निजी साइबर कैफे से पंजीयन कराते हैं, तो इसके लिए उनको अधिकतम 50 रुपये प्रति पंजीयन शुल्क देना होगा.
इसके अलावा, ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, तहसील कार्यालय और निर्धारित सहकारी केंद्रों पर पंजीयन की सुविधा निःशुल्क रहेगी. किसानों को सलाह है कि निजी केंद्र पर रजिस्ट्रेशन कराने से पहले निर्धारित शुल्क की जानकारी जरूर रखें.
पंजीयन के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी?
रजिस्ट्रेशन कराने के लिए किसानों को अपने जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखने चाहिए. पंजीयन के दौरान भूमि रिकॉर्ड और पहचान संबंधी जानकारी का सत्यापन किया जाएगा. ऐसे में किसान भाई इन कागजों को तैयार रखें-
-
आधार कार्ड
-
भूमि संबंधी दस्तावेज
-
फोटो पहचान पत्र
-
बैंक खाते की जानकारी
-
बैंक खाता नंबर
-
IFSC कोड
-
मोबाइल नंबर
आधार वेरिफिकेशन क्यों जरूरी?
अगर आप इस सरकारी योजना में पंजीयन कराने में इच्छुक है, तो इससे पहले आप जल्द ही अपना आधार वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को पूरा कर लें, क्योंकि फसल बेचने की प्रक्रिया में आधार सत्यापन आवश्यक रहेगा. यह सत्यापन आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP या बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से किया जा सकता है. यदि आधार कार्ड और भू-अभिलेख में दर्ज किसान के नाम में अंतर पाया जाता है, तो संबंधित किसान को तहसील कार्यालय के माध्यम से आवश्यक सत्यापन कराना होगा. सत्यापन के बाद ही पंजीयन को मान्य किया जा सकेगा.
सोयाबीन पंजीयन की अंतिम तारीख क्या हैं?
मध्य प्रदेश के सोयाबीन किसानों के लिए पंजीयन की अवधि 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित है. ऐसे में किसानों को आखिरी दिनों में होने वाली भीड़ और तकनीकी परेशानियों से बचने के लिए जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन करा लेना उचित होगा.
लेखक: रवीना सिंह
Share your comments