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होली के रंग कृषि जागरण के संग

होली एक ऐसा त्यौहार है जो जब भी आता है अपने साथ खुशियां और रंगों की बौछार लेकर आता है. इस दिन लोग सारे गिले-शिकवे भूलकर एक-दूसरे को रंग लगाते हैं और मन की कड़वाहट को गुजिया की मिठास से भूला देते हैं. इसी दिशा में कृषि जागरण ने एक सराहनीय पहल की है. 17 मार्च 2019 को कृषि जागरण की टीम पहुंची हरियाणा के पलवल, जहां कृषि जागरण ने किसानों संग फूलों की होली खेली. इस अवसर पर कुछ लोगों की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम में चार-चांद लगा दिए. 'कृषि जागरण होली महोत्व' के नाम से इस कार्यक्रम का आयोजन कल्याण वैली फार्म, पलवल में किया गया. कार्यक्रम के शुभारंभ में पलवल के प्रगतिशील किसान बिजेंदर सिंह दलाल जी ने अपना वक्तव्य रखा, जिसमें उन्होने कृषि जागरण का आभार व्यक्त करते हुए कृषि जागरण और सभी किसानों को होली की शुभकामनाएं दी. इसके बाद कृषि जागरण के उप-संपादक संजय कुमार जी ने मौजूद किसानों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें कृषि जागरण के उद्देश्य और पहुंच से अवगत कराया. यहां पहुंचे किसानों में उत्साह की कोई कमी नहीं थी. जैसे-जैसे होली महोत्सव बढ़ता गया, किसान भी अपने रंग में आने लगे. सबसे पहले एक-दूसरे पर रंग लगाया गया और उसके बाद शुरु हुई फूलों की होली.

फूलों की होली खेलकर कृषि जागरण ने ऑर्गेनिक होली का संदेश भी दिया जिसकी प्रशंसा बिजेंदर सिंह दलाल जी और दूसरे किसान भाईयों ने की. फिर शुरु हुई गीत-संगीत की महफिल. सबसे पहले चौधरी धौर सिंह जी अपने गायन से रंग जमाया फिर आए आज़ाद मडौली जिन्होने रागिनी गाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया. फिर किसानों के बीच से एक ऐसा गायक निकला जिसने राधा-कृष्ण और वृंदावन की ऐसी छटा बिखेरी कि सब झुमने पर विवश हो गए. इसके बाद जल-पान कार्यक्रम हुआ जिसका सभी ने आनंद लिया और अंत में कृषि जागरण की टीम का बिजेंदर सिंह दलाल जी ने अपने घर पर स्वागत किया और अपनी आवभगत से कृषि जागरण टीम को अनुग्रहित किया. सभी किसानों ने अगले वर्ष के लिए भी कृषि जागरण को आमंत्रित किया है.

कृषि जागरण परिवार की ओर से आप सभी को होली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं.

kisaan bhai

होली गायन का आनंद लेते पलवल के किसान



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