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कोटा को पंडित दीनदयाल कृषि विज्ञान प्रोत्साहन पुरूस्कार मिला

कृषि विज्ञान केन्द्र, कोटा का चयन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा पंडित दीनदयाल कृषि विज्ञान प्रोत्साहन पुरस्कार 2016-17 के लिए किया गया है। यह पुरस्कार देश के 668 कृषि विज्ञान केन्द्रों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, क्षमता विकास एवं प्रदर्शन में बढ़ोत्तरी के लिए दिया जाता है।

कृषि विश्वविद्यालय, कोटा के कुलपति, प्रो. जी. एल. केशवा ने बताया कि इस केन्द्र के कोटा जिले में नवोन्मेषी प्रौद्योगिकी का हस्तानान्तरण कर कृषि उत्पादकता एवं किसानों की आय में बढ़ोत्तरी के उल्लेखनीय कार्यो के लिए प्रतिष्ठित जोनल बेस्ट के.वी.के. अवार्ड के लिए चयन किया जाना विश्वविद्यालय के लिए गौरव की बात है। प्रो. केशवा ने केन्द्र के वैज्ञानिकों एवं जिले के नवोन्मेषी किसानों को अवार्ड के लिए बधाई दी। उन्होने बताया कि इस अवार्ड के लिए यह केन्द्र पिछले दस वर्ष से प्रयासरत था।

प्रो. केशवा ने बताया कि विश्वविद्यालय के कार्य क्षेत्र में अभिनव कार्य करने वाले कृषकों को भी परिषद द्वारा जगजीवन राम अभिनव किसान पुरस्कार दिया जाता है। इस पुरस्कार के लिए पूनम चन्द पाटीदार झालावाड़ जिले के कृषक का चयन हुआ है तथा वर्ष 2015-16 में यह पुरस्कार कोटा जिले के श्रीकिशन सुमन को बारहमासी आम के लिए दिया गया था एवं वर्ष 2014-15 में अन्ता के गणपत लाल नागर को दिया गया था।

कृषि विज्ञान केन्द्र, कोटा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष, डाॅ. महेन्द्र सिंह ने बताया कि जोनल बेस्ट के.वी.के. अवार्ड भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के स्थापना दिवस 16 जुलाई को राष्ट्रीय स्तरीय कार्यक्रम में बैंगलोर (कर्नाटक) में दिया जायेगा। जिसमें पुरस्कार राशि 2.25 लाख रूपये एवं प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा। डाॅ. सिंह ने बताया कि कृषि विज्ञान केन्द्रों में सबसे पहले पोस मशीन की स्थापना कर कैशलेस शुरू करने के लिए इस केन्द्र को 14 फरवरी, 2017 को कैशलेस कृषि विज्ञान केन्द्र अवार्ड भी दिया गया है।



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