आईवीआरआई ने लांच किए नए एप, किसानों को मिलेगी मदद

आज के समय किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या है  कृषि की आधुनिक तकनीकों के विषय में जानकारी न मिलना. इस समय यदि किसानों को सही जानकारी मिले तो वो खेती में कुछ अच्छा कर सकते है और वो अच्छी आय ले सकते हैं. किसानों को कृषि सम्बन्धी सही जानकारी देने के लिए दो एप लांच किए हैं. इस तकनीकी के दौर में पशु पालकों को हाईटेक बनाने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) ने आईवीआरआई-पशु प्रजनन और आईवीआरआई-पिग फार्मिंग के नाम से दो मोबाइल एप्लीकेशन विकसित की है. इन ऐप के जरिए ऑनलाइन जानकारियां हासिल की जा सकेंगी.आईवीआरआई द्वारा विकसित किए गए ये एप्स किसान और पशु पालक न सिर्फ पशु पालन के बारे में पढ़ सकेंगे बल्कि देख और सुन कर भी काफी कुछ सीख सकेंगे. ये एप्स गूगल के प्ले स्टोर पर निशुल्क उपलब्ध हैं.

क्या जानकारी होगी एप में.

पशु प्रजनन एप से सम्बंधित जानकारी: मदकाल या गर्मीं में नहीं आना , बारम्बार प्रजनन, अस्पष्ट मदकाल, गर्भाशय में ऐठन, कठिन प्रसव, गर्भपात, गर्भाशय का बाहर निकलना इत्यादि के लक्षण, क्या एवं कैसे उपचार और रोकथाम के तरीके. कृत्रिम गर्भाधान से जुड़ी हुई जानकारी जैसे इसके लाभ, पशुओं में गर्मी के लक्षण, गर्मी में समुचित देखभाल, इत्यादि.

सूकर पालन एप से सम्बंधित जानकारी: इस एप्स में कम लागत में सूकर पालन कैसे करें, उनकी देखभाल, रखरखाव, समस्याए, बीमारी एवं रोकथाम के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध है..यह एप चार भाषाओँ में उपलब्ध हैअंग्रेजी, हिंदी, पंजाबी, असमिया, बंग्ला, गुजराती, तमिल और मलयालम भाषाओं में किसान और पशुपालक इसका प्रयोग कर सकेंगे.

 

Comments