1. Home
  2. ख़बरें

कृषि अनुसंधान परिसर, पटना में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 का आयोजन, महिला सशक्तिकरण पर विशेष बल

कृषि अनुसंधान परिसर, पटना में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 का आयोजन महिला सशक्तिकरण विषय पर किया गया. कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने महिला कृषकों की भूमिका, पोषण वाटिका, पशुपालन एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों पर जानकारी दी. महिला किसानों को कृषि इनपुट और वेलनेस किट वितरित की गई तथा तकनीकी सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम और कृषि प्रौद्योगिकी प्रदर्शन इकाइयों का भ्रमण भी कराया गया.

KJ Staff
international womens day 2026
International Womens Day 2026

महिलाओं के प्रति सम्मान प्रकट करने तथा उनके सशक्तिकरण और समाज व कृषि में उनके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस - 2026 का आयोजन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में किया गया. कार्यक्रम का आयोजन “ दान करके लाभ प्राप्त करें” थीम के अंतर्गत किया गया, जिसका उद्देश्य ज्ञान साझा करने, क्षमता विकास और संस्थागत सहयोग के माध्यम से महिला कृषकों को सशक्त बनाना था.

कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के कार्यवाहक निदेशक डॉ. आशुतोष उपाध्याय ने की. अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कृषि क्षेत्र में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिला किसानों का सशक्तिकरण, सतत कृषि विकास और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है. डॉ. उपाध्याय ने कहा कि आय संवर्धन एवं सतत कृषि को बढ़ावा देने के लिए वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाना, महिला किसानों की आजीविका को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ उनके परिवार के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

डॉ. उपाध्याय ने चार प्रकार के दानों—अन्नदान, विद्यादान, औषधिदान एवं अभयदान—के महत्व के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि इन चारों प्रकार के दान करने से व्यक्ति को मानसिक शांति, संतुष्टि तथा आत्मगौरव की अनुभूति होती है. इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इन दानों के माध्यम से आत्मसंतुष्टि प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए तथा महिला सशक्तिकरण में भी महत्वपूर्ण योगदान देना चाहिए.

इससे पूर्व, प्रधान वैज्ञानिक डॉ. शिवानी ने स्वागत भाषण देते हुए अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के महत्व तथा कार्यक्रम के उद्देश्यों पर संक्षिप्त प्रकाश डाला. इस अवसर पर डॉ. धीरज कुमार सिंह,  वरिष्ठ वैज्ञानिक ने महिला कृषकों के उत्थान में संस्थान के योगदान पर विस्तार से जानकारी दी तथा कौशल विकास, प्रौद्योगिकी प्रसार और आजीविका उन्नयन से संबंधित संस्थान की विभिन्न पहलों का उल्लेख किया.

वैज्ञानिक डॉ. कुमारी शुभा ने “होमस्टेड फार्मिंग एवं पोषण वाटिका के माध्यम से पोषण जागरूकता” विषय पर व्याख्यान देते हुए बताया कि घर के आसपास विकसित पोषण वाटिकाएँ परिवार के पोषण स्तर में सुधार और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं. वहीं, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रजनी कुमारी ने पशुपालन के माध्यम से महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार साझा करते हुए बताया कि छोटे पशुधन आधारित उद्यम ग्रामीण महिलाओं की आय और आजीविका सुरक्षा को बढ़ाने में अत्यंत सहायक सिद्ध हो सकते हैं.

कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि कार्यों में सक्रिय महिलाओं द्वारा सामना की जाने वाली समस्याओं एवं संभावित समाधानों पर एक तकनीकी सत्र भी आयोजित किया गया, जिसका संचालन वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अनिर्बन मुखर्जी ने किया. इस सत्र में विभिन्न परियोजनाओं से प्राप्त अनुभवों को साझा किया गया तथा महिला कृषकों ने कृषि कार्यों से संबंधित व्यावहारिक चुनौतियों पर खुलकर चर्चा की.

इस अवसर पर पुष्पनायक मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (वरिष्ठ श्रेणी) ने “बेहतर भविष्य के लिए कृषि में महिला सशक्तिकरण” विषय पर व्याख्यान देते हुए महिला कृषकों के लिए संस्थागत सहयोग, लैंगिक संवेदनशील नीतियों तथा निरंतर क्षमता निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया. कार्यक्रम के दौरान डॉ. कमल शर्मा, प्रभागाध्यक्ष, पशुधन एवं मात्स्यिकी प्रबंधन तथा डॉ. संजीव कुमार, प्रमुख, फसल अनुसंधान ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने में महिला कृषकों की भूमिका की सराहना की.

कार्यक्रम के अंतर्गत महिला कृषकों को कृषि इनपुट एवं वेलनेस किट का वितरण भी किया गया, जिसमें टूथब्रश, टूथपेस्ट, स्नान साबुन, हाथ धोने का साबुन, ओआरएस पैकेट, सेनेटरी पैड, ग्रीष्मकालीन सब्जियों के बीज किट तथा बैंड-एड (हैंडी प्लास्ट) आदि शामिल थे. इस दौरान कृषि प्रौद्योगिकियों एवं प्रसार सेवाओं के संबंध में महिला कृषकों से उनके अनुभव और सुझाव भी प्राप्त किए गए.

कार्यक्रम के दौरान महिला कृषकों द्वारा लोकगीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी गई, जिसने कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग प्रदान किया और ग्रामीण परंपराओं की समृद्ध झलक प्रस्तुत की. कार्यक्रम के अंत में डॉ. रचना दूबे द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया.

अपराह्न सत्र में महिला कृषकों को संस्थान के विभिन्न प्रदर्शन इकाइयों का भ्रमण कराया गया, जहाँ उन्होंने संस्थान द्वारा विकसित विभिन्न कृषि प्रौद्योगिकियों, विशेषकर महिलाओं और पोषण से संबंधित इकाइयों को देखा, समझा और उनके बारे में जानकारी प्राप्त की.

कार्यक्रम में कुल 208 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें बिहार और झारखंड से आई 140 महिला कृषक तथा संस्थान के वैज्ञानिक एवं कर्मचारी शामिल थे, जिससे कार्यक्रम अत्यंत सार्थक और प्रभावशाली बना.

डॉ. अनुप दास, निदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना ने अपने संदेश में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर सभी को बधाई दी तथा अपनी हार्दिक शुभकामनाएं व्यक्त कीं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि “विकसित भारत @2047” के लक्ष्य को महिलाओं, विशेषकर महिला कृषकों की सक्रिय भागीदारी और सशक्तिकरण के बिना प्राप्त नहीं किया जा सकता.

कार्यक्रम का समन्वयन आयोजन सचिव डॉ. शिवानी, डॉ. रजनी कुमारी, डॉ. रचना दूबे, डॉ. कुमारी शुभा एवं डॉ. सोनका घोष तथा सह-आयोजन सचिव डॉ. बिकाश सरकार, डॉ. धीरज कुमार सिंह, डॉ. अनिर्बन मुखर्जी एवं उमेश कुमार मिश्र द्वारा किया गया.

English Summary: international womens day 2026 event for women farmers at icar rcer patna Published on: 09 March 2026, 12:06 PM IST

Like this article?

Hey! I am KJ Staff. Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News