जैविक खेती के बढ़ते प्रभाव

भारत में जैविक खेती के लिए आजकल किसानो के अंदर एक्साइटमेंट बढ़ती जा रही है।  आजकल जिसे देखो वह जैविक खेती से प्रेरित होकर जैविक खेती कर रहा है और साथ ही उन्हें सफलता भी मिल रही है।  किसानो के अंदर जैविक खेती की उत्सुकता को देखते हुए और बाकि किसानो को जैविक खेती के लिए प्रेरित करने के लिए ऑर्ट ऑफ लीविंग द्वारा चलाई गई मुहिम के तहत एफएफ रोड पर स्थित ज्ञान मंदिर में 4 दिवसीय कैंप का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर बैंगलोर से पहुंचे खेतीबाड़ी विशेषज्ञ डॉ. रैडी ने किसानों को जैविक खेती के फायदे व तरीके बताए। उन्होंने बताया कि किस तरह रसायनिक खादों की जगह जैविक खेती द्वारा आगे बढ़ सकते है। डॉ. रैडी ने बताया की जैविक खेती से झाड़ पर कोई असर नहीं होता साथ ही उन्होंने बताया की गौमूत्र से यह जीवामृत खाद बनाई जाएगी कैंप के संचालक देवांश भास्कर ने बताया कि जलालाबाद के आस-पास गांवों के अतिरिक्त बॉर्डर पट्टी के किसानों ने भी कैंप में भाग लिया है , जिसको डॉ. रैडी द्वारा जैविक खाद तैयार करने के अलग अलग तरीके बताए गए है। इस अवसर पर  संस्था सदस्य अखिल शर्मा, रंजीव दहूजा, नितिन छाबड़ा सोम नागपाल मौजूद थे।

वर्षा
कृषि जागरण

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