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भारत में बेकाबू हुए कोरोना के बीच चीन ने दिया ये बड़ा ऑफर, जान गए तो हंसी छूट जाएगी आपकी

सचिन कुमार
सचिन कुमार

Shi jinping

पूरी दुनिया कोरोना के कहर से त्राहि-त्राहि कर रही है. आलम यह है कि कल तक लोगों की आमद से गुलजार रहने वाली गलियां आज एक बार फिर से खामोश हो चुकी हैं. कल तक खिलखिलाते चेहरे एक बार फिर उदास हो चुके हैं. वजह है, प्रतिदिन बढ़ता कोरोना का कहर. कोरोना का कहर अपने चरम पर पहुंचने पर आमादा है. आए दिन संक्रमितों की संख्या अपने पूर्ववर्ती रिकॉर्ड को ध्वस्त करने पर आमादा हो चुकी है. यकीनन, हालात बेहद संजीदा हैं. यह समय एहतियात बरतने का है. बता दें कि बीते गुरुवार को कोरोना के 3 लाख 30 हजार मामले सामने आए हैं, जिसे जानकर हर कोई हैरत में हैं. इससे पहले बुधवार को 3 लाख 15 हजार मामले सामने आए थे. वहीं, भारत में कोरोना के बढ़ते प्रकोप को ध्यान में रखते हुए चीन ने बड़ा ऑफर दिया है.

जी हां...यह वही चीन है, जिसके यहां से कोरोना का जन्म हुआ और आज पूरी दुनिया बर्बादी के कागार पर पहुंच चुकी है. यह वही चीन है, जहां से इस वायरस के पल्लवित होने  से समस्त मानव समुदाय के सिर पर खतरा मंडरा रहा है. जिस चीन को अपने किए पर शर्मिंदा होना चाहिए आज वही चीन भारत को मदद की पेशकश कर रहा है. भला यह क्रांतिकारी परिवर्तन कहां से आया?  कहीं इसमें भी ड्रैगन की कोई चाल तो नहीं? कल तक हर मसले को लेकर भारत को आड़े हाथों लेने वाला चीन भला आज हमारी मदद करने को क्यों बेकरार है? कभी सीमा पर तनाव तो कभी कूटनीतिक मोर्चे पर भारत को मझधार में खड़ा करने वाला ड्रैगन भला भारत की मदद करने के बारे में सोच भी कैसे सकता है? कुछ तो दाल में जरूर काला है.

आपको बता दें कि चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वेंग वेनबिन ने कहा कि, 'भारत में कोरोना के कहर से हालात बेकाबू हो चुके हैं. हर दिन संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रहा है. हम भारत की इस गंभीर समय मदद करने को तैयार हैं'. यह उक्त बयान किसी और के नहीं, बल्कि चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के हैं.

इतना ही नहीं, कल तक अलगाव के राग अलापने वाले चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा कि, 'यह समय हम सभी को एकजुट होने का है, ताकि कोरोना के खिलाफ हम अपनी लड़ाई को धार दे सके'. अपने बयान में चीनी प्रवक्ता ने इस बात को दोहराया है कि हम भारत की मदद करने के लिए तैयार हैं. 

हालांकि, अभी तक भारत सरकार चीनी की तरफ से किसी भी प्रकार की मदद की आधिकारिश पेशकश नहीं की गई है. खैर, अब देखना यह होगा कि आखिर क्या भारत चीनी की इस पेशकश को स्वीकार करता है? क्या भारत के लिए उस चीन की पेशकश को स्वीकार करना गवारा रहेगा, जिसकी वजह से पूरी दुनिया अपनी जिंदगी की आखिरी सांसें गिनने में मसरूफ हो चुकी है. खैर, यह सभी प्रश्न तो अभी भविष्य के गर्भ में छुपे हुए हैं, लेकिन देश दुनिया की ताजातरीन खबरों से जुड़े रहने के लिए आप बने रहिए हमारे साथ...कृषि जागरण डॉट कॉम पर.

English Summary: In view of increasing the corona cases china give a big offer to india

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