भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना ने बीआईटी मेसरा, पटना के सहयोग से IoT आधारित स्मार्ट सिंचाई प्रणाली का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है. यह पहल अनियमित वर्षा, भूजल स्तर में गिरावट, बढ़ती सिंचाई लागत और जल के असंतुलित उपयोग जैसी चुनौतियों के समाधान हेतु की गई है.
इस परियोजना में LoRa (LPWAN) तकनीक आधारित मृदा नमी निगरानी प्रणाली विकसित की जा रही है, जिससे वास्तविक समय डेटा के आधार पर किसानों को आवश्यकतानुसार सिंचाई करने में सहायता मिलेगी. इससे जल की बचत, लागत में कमी तथा मृदा संरक्षण सुनिश्चित होगा.
संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास ने इस पहल को “स्मार्ट फार्म” की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं समयोचित कदम बताया है. उन्होंने कहा कि यह तकनीक न केवल जल उपयोग दक्षता में सुधार करेगी, बल्कि कृषि उत्पादन प्रणाली को अधिक टिकाऊ और आधुनिक बनाने में भी सहायक सिद्ध होगी. भूमि एवं जल प्रबंधन प्रभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष उपाध्याय ने कहा कि यह तकनीक मृदा नमी की वास्तविक समय जानकारी देकर सिंचाई दक्षता में सुधार करेगी.
यह पहल जलवायु अनुकूल एवं सतत कृषि विकास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
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