सरकार 12 लाख हेक्टेयर भूमि को सूक्ष्म सिंचाई के दायरे में लाएगी

नयी दिल्ली: कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार चालू वित्त वर्ष में 12 लाख हेक्टेयर भूमि को सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत लाने की दिशा में काम कर रही है।
पांचवें भारत जल सप्ताह के समापन सत्र को यहां संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह कुछ ऐसा होगा जिसे स्वतंत्रता के बाद के दिनों में हासिल नहीं किया जा सका।

इस आयोजन में जल संसाधन मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के अलावा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।
सिंह ने कहा, हम वर्ष 2016 - 17 में आठ लाख हेक्टेयर भूमि को सूक्ष्म सिंचाई के दायरे में ला सके। ऐसा इससे पहले के वर्षो में नहीं हुआ।

उन्होंने कहा, अब हमारा चालू वित्त वर्ष में सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत अतिरिक्त 12 लाख हेक्टेयर भूमि को लाने का इरादा रखते हैं। इस प्रकार दो वर्षो में 20 लाख हेक्टेयर भूमि इस प्रकार की सिंचाई के दायरे में आ जायेगी जो आजादी बाद के दिनों में कभी हासिल नहीं किया जा सका था।

सिंह ने जलसंरक्षण और इसके प्रभावी इस्तेमाल किये जाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने मार्च 2019 तक देश भर में प्राथमिकता वाली 99 सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने पर 76 लाख हेक्टेयर भूमि में सिंचाई करने में मदद मिलेगी।

इस बीच मेघवाल ने मानवता के लिए जल और इसकी गुणवत्ता के महत्व के बारे में जागरुकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए इस बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधन को संरक्षित करना हर किसी की जिम्मेदारी है।
इस मौके पर देश के जल संसाधन के बारे में सूचनाओं के साथ केन्द्रीय जल आयोग द्वारा तैयार किये गये मोबाइल एप्प को भी पेश किया गया।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने 10 अक्तूबर को इस जल सप्ताह का उद्घाटन किया था जिसकी विषयवस्तु समावेशी विकास के लिए जल और उर्जा रखी गई थी।

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