News

क्या यही है सरकारी नीतियों की जमीनी हकीकत...

सरकार द्वारा किसानों के लिए चलायी जा रही योजनाएं क्या सच में किसानों तक पहुँच रही है. केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार, सभी किसानों के लिए हर दिन नयी योजनाएं लेकर आ रहे है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहती है.

ज्यादातर किसान आज भी अपनी फसल की पैदावार को लेकर चिंतित रहते है, उनकी चिंता का सबसे बड़ा कारण यही है कि उस फसल को बेचा कहाँ जाए ?

सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए फसल और सब्जियों की पैदावार बढाने के लिए बात तो बहुत करती है, पर कुछ ही किसानों को इसका लाभ मिलता है, जबकि आधे से अधिक किसान इन सबसे वंचित रहते हैं.


छत्तीसगढ़ के गांव के किसानों ने अपने खेत में टमाटर,गोभी और ककड़ी की खेती की है,जिसमे लगभग 45 हज़ार से अधिक का खर्च हुआ है. सरकारी बीज और किट नहीं मिलने से उन्होने प्राइवेट कंपनी की बीज खेतों में लगाई, पर पैदावार अच्छी नहीं हुई.

मौसम की मार से फसल में कीड़े लगने लगे और फसल चौपट हो रही है. कृषक अपनी लागत भी नहीं निकाल पा रहे है. फसल को लेकर कृषि विभाग के अधिकारी न तो किसानों को जानकारी दे रहे और न ही कोई मदद कर रहे है.

उद्यानिकी विभाग के उपसंचालक केके मिश्रा का कहना है कि मौसम की मार से फसलों को नुकसान हो रहा है. ऐसे में फसलों में कीड़े और बीमारी की संभावना बढ़ने लगती है. किसान इसका उपाय कर रहे है.



Share your comments


Subscribe to newsletter

Sign up with your email to get updates about the most important stories directly into your inbox

Just in