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कम लागत में करें बागवानी, सरकार दे रही है 50 फीसदी सब्सिडी

बागवानी के दौरान मध्यम वर्गीय और सीमांत किसानों को कईं तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. जिनमें फसलों में शस्य क्रिया, निराई, गुड़ाई, जोताई आदि है. इनको कम लागत में प्रभावी ढंग से करने के लिए राज्य और केंद्र दोनों ही सरकारों की ओर से समय-समय पर किसानों को अनुदान भी दिया जाता है. इसी कड़ी में 'राष्ट्रीय कृषि विकास योजना' (30 नान एनएचएम) अंतर्गत यंत्रीकरण के लिए अनुदान पर कृषि यंत्र दिया जाएगा। शासन के निर्देश पर विभाग के द्वारा यह लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

बता दें, कि नेशनल हार्टिकल्चर मिशन के अंतर्गत छोटा ट्रैक्टर (20 बीएचपी) का भौतिक लक्ष्य 10, पॉवर ट्रिलर आठ पीएचपी (लघु सीमांत, अनुसूचित जाति व महिला) एवं अन्य वर्ग के लिए लक्ष्य छह, पॉवर ट्रिलर आठ बीएचपी (लघु सीमांत, अनुसूचित जाति व महिला) एवं अन्य वर्ग के लिए भौतिक लक्ष्य चार एवं प्ला¨टग, री¨पग एंड डि¨गग यंत्र में (लघु सीमांत, अनुसूचित जाति व महिला) एवं अन्य वर्ग के लिए पांच भौतिक लक्ष्य का निर्धारण किया गया है. जिसके लिए 35 फीसदी से लेकर 50 फीसदी तक यंत्रवार व वर्गवार अनुदान दी जा रही है.

गौरतलब है कि 'समन्वित पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट' के अंतर्गत जिले में सब्जी, फल आदि औद्यानिक उपज के ग्रे¨डग पैके¨जग एवं भंडारण के लिए फंक्शनल पैक हाउस का भौतिक लक्ष्य एक एवं प्याज भंडार गृह का भौतिक लक्ष्य चार फीसद निर्धारित है. इसमें इकाई लागत का 50 फीसद अनुदान दी जा रही है.

फूलों की खेती के अंतर्गत गेंदा फूल का कार्यक्रम नौ हेक्टेयर में निर्धारित है. इसमें इकाई लागत पर 40 हजार रुपये का 40 फीसद एवं 25 फीसद वर्गवार अनुदान दी जा रही है. ''राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत बागवानी, फसल, सब्जी व फल के अलावा फूलों की खेती के लिए जिले में भौतिक लक्ष्य का निर्धारण किया गया है. इसके लिए किसानों से आवेदन पत्र मांगे गए हैं. आवेदन पत्रों का भौतिक सत्यापन करने के बाद स्वीकृति के लिए शासन को भेज दिया जाएगा.''

-बालकृष्ण वर्मा, जिला उद्यान अधिकारी (आजमगढ़)



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