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खुशखबरी : खेतों में घर बनाकर रहने वाले किसानों का कनेक्शन फ्री

छत्तीसगढ़ में अटल ज्योति योजना के तहत सिंचाई के यंत्र लेने वाले किसानों के लिए बड़ी खबर हैं. अब राज्य सरकार किसानों को बिजली चलित सिंचाई के यंत्रों के लिए फ्री बिजली कनेक्शन देने का फैसला किया है. अब इन किसानों को रात के 6 घंटे अधेरें में बिताना पड़ेगा. इन किसानों को घर के लिए अलग से बिजली कनेक्शन नहीं लेना पड़ेगा. यदि किसान चाहते है उन्हें फ्री में घर का बिजली कनेक्शन मिले तो किसानों को अपने आवास खेत वाले हिस्से में बनाना पडेगा. छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन की पहल पर राज्य विद्युत नियामक आयोग ने इस संबंध में आदेश पारित किया. इन किसानों को घरेलू कनेक्शन देने का काम 6 माह में पूरा किया जाएगा.


बता दें कि राज्य में बड़ी संख्या में किसान खेतों में घर बना कर रहते हैं जिसकों देखकर ऐसा फैसला किया गया है. इनमें से ज्यादातर किसानों ने अटल ज्योति योजना के तहत सिंचाई पम्प और बिजली कनेक्शन लिया हैं, लेकिन अब तक इन कनेक्शनों में प्रतिदिन 6 घंटे तक बिजली कटौती की जा रही थी. बिजली कटौती का यह सिलसिला पिछले 10 सालों से चल रहा है.

बता दें छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के राजकुमार गुप्त ने पिछले साल के वित्त वर्ष के लिए बिजली की नई दर निर्धारित करने का मामला उठाया था. नई बिजली दर निर्धारण के लिए प्रगतिशील किसान संगठन के साथ सीएसपीडीसीएल ने भी उठाया था जिस पर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक सुनवाई की और नए घरेलू कनेक्शन के निर्देश दिए. अब इन कनेक्शनों पर 28 करोड़ खर्च किये जाएगें.

याचिका में उठाये गए मामले निम्न है

  • बिजली कंपनी के घाटे का जिम्मेदार उपभोक्ता नहीं है.

  • कंपनी 25 फीसद बिजली की बचत को रोक कर, 2.50 रुपए प्रति यूनिट की दर से तेलंगाना सरकार को घाटे में बेच रही है.

  • नगरीय और ग्रामीण क्षेत्र के घरेलू और गैर घरेलू उपभोक्ताओं में भेदभाव हो रहा हैं.

  • सिंचाई पंपो के बिजली खपत पर 4.6 0 रुपए प्रति यूनिट की दर से टैरिफ लिया जाता है जिसे 1 रुपये प्रति यूनिट होना चाहिए.

English Summary: Good news: Farmers living in the fields free of connection

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