लचीली खेती पर ध्‍यान केन्द्रित करने की आवश्‍कता

केन्‍द्रीय वित्‍त मंत्री  अरुण जेटली ने एशियाई विकास बैंक से कहा है कि वह दक्षिण एशियाई क्षेत्र के लिए नई दिल्‍ली में एक क्षेत्रीय केन्‍द्र स्‍थापित करे ताकि लोगों की बढ़ती आकांक्षाएं पूरी की जा सकें और भारत तथा इस क्षेत्र के अन्‍य देशों के लिए परियोजनाएं तैयार करने और उन्‍हें मुकाम तक पहुंचाने में तेजी लायी जा सके। उन्‍होंने बैंक से यह अपील भी की कि वह प्रबंधन, सामाजिक और पर्यावरणीय सुरक्षा जैसे कार्यों में तेजी लाने के लिए कंट्री सिस्‍टम अपनाए।  अरुण जेटली जापान के योकोहमा शहर में एशियाई विकास बैंक की 50वीं वाषिक बैठक में एडीबी के संचालक मंडल को संबोधित कर रहे थे। वित्‍त मंत्री के साथ आर्थिक मामले विभाग के सचिव श्री शक्तिकांत दास भी जापान गए हैं, जो एडीबी में भारत के वैकल्पिक गवर्नर हैं।

केन्‍द्रीय वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने एशियाई विकास बैंक को एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सेवा करते हुए 50 वर्ष पूरे करने के अवसर पर बधाई दी। उन्‍होंने भौतिक एवं सामाजिक ढांचे के विकास के जरिए इस क्षेत्र में गरीबी दूर करने में बैंक के प्रयासों की सराहना की और कहा कि जलवायु परिवर्तन की समस्‍या से निबटने के लिए हमें नवीकरणीय ऊर्जा पर ध्‍यान केन्द्रित करने की आवश्‍यकता है। शहरी विकास, विशेष रूप से पेयजल और स्‍वच्‍छता जैसे क्षेत्रों में, अरुण जेटली ने अनेक विकासशील देशों द्वारा उठायी जा रही प्रमुख कठिनाइयों को रेखांकित किया, जो राष्‍ट्रीय सरकारों से किसी प्रकार की बजटीय सहायता प्राप्‍त किए बिना ही इन चुनौतियों से निबटने के प्रयास कर रहे हैं।

उन्‍होंने बैंक से अपील की कि वह इन चुनौतियां का सामना करने के लिए स्‍थायी उपायों को प्रोत्‍साहित करे। उन्‍होंने एडीबी का आह्वान किया कि वह जलवायु परिवर्तन की समस्‍या से निपटने के लिए लचीली खेती, बेहतर कृषि उत्‍पादन प्रौद्योगिकियों, परिष्‍कृत मूल्‍य शृंखला प्रबंधन और खेती की पैदावार के लिए बेहतर विपणन ढांचा कायम करने पर ध्‍यान केन्द्रित करे।

केन्‍द्रीय वित्‍त, रक्षा और कॉर्पोरेट कार्य मंत्री श्री जेटली एशियाई विकास बैंक के गवर्नरों की बैठक में हिस्‍सा लेने के लिए जापान की तीन दिन की सरकारी यात्रा पर हैं। वित्‍त मंत्री के साथ आर्थिक कार्य विभाग के सचिव श्री शक्ति कांत और वित्‍त मंत्रालय के अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी भी गए हैं।

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