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प्रक्षेत्र दिवस मनाया गया

कृषि महाविद्यालय रीवा के अधिष्ठाता डॉ एस. के पाण्डेय के संरक्षण एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं केन्द्र प्रमुख डॉ अजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में कृषि विज्ञान केन्द्र रीवा द्वारा ग्राम मझियार में मसूर की किस्म जे. एल.-3 एवं अलसी की उन्नतशील किस्म जे. एल. एस.-27का प्रक्षेत्र दिवस आयोजित किया गया कृषि विज्ञान केन्द्र रीवा द्वारा रबी 2016-17 में मसूर की उन्नतशील किस्म जे.एल.-3 के 20 प्रदर्शन (20एकड़ में) एवं अलसी की उन्नतशील किस्म जे. एल. एस.का प्रदर्शन किया गया

रीवा के प्रमुख डॉ. ए. के. पाण्डेय ने कृषि महाविद्यालय रीवा द्वारा भी अलसी की उन्नतशील किस्में जे. एल. एस.-27 एवं जे. एल.एस.9 के 25 प्रदर्शन (25 एकड़ में) डाले गये जिनके परिणाम काफी उत्साहवर्धक हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन कार्यक्रम के प्रभारी डॉ. बी. के तिवारी ने बताया कि प्रदर्शन कार्यक्रमों के तहत किसानों के प्रदर्शन प्लाट की मिट्टी का परीक्षण (जी.पी.एस. आधारित) कराकर कृषकों को उन्नत बीज,घोल जैव उर्वरक,सल्फर,केचुआ खाद इत्यादि सामग्री केन्द्र की ओर से दी गई जिसे उन्नत तरीके से किसानों ने उपयोग किया जिसका परिणाम अच्छी फसल खेत में खड़ी है। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की पूजा अर्चना से प्रारंभ हुआ जिसकी अध्यक्षता कृषि महाविद्यालय रीवा के अधिष्ठाता डॉ.एस.के पाण्डेय ने किया,मुख्य अतिथि ग्राम सरपंच श्रीमती कमला साकेत एवं विशिष्ट अतिथि पूर्व सरपंच एवं प्रगतिशील कृषक श्री शिवेन्द्र सिंह ने किया कार्यक्रम में कृषि महाविद्यालय रीवा के प्राध्यापक डॉ.एम.ए.आलम ने रबी फसलों में लगने वाले विभिन्न कीटों से फसल संरक्षण के तरीके बताये अधिष्ठाता डॉ. एस. के. पाण्डेय ने कृषि को लाभ का धंधा बनाने के लिय कृषि के साथ-साथ पशुपालन व्यवसाय करने की सलाह दिए कार्यक्रम के प्रभारी डॉ.बी.के.तिवारी ने दलहनी फसलों को फसल चक्र में अनिवार्य रूप से अपनाने की बात कही। कीट वैज्ञानिक डॉ. अखिलेश कुमार ने किसानों को चना में फली बेधक इल्ली के प्रबंधन के तरीके बतायेपादप रोग वैज्ञानिक डा. के. एस. बघेल ने रबी फसलों में फसलों में रोग प्रबंधन की जानकारी दिये साथ ही साथ कृषकों को खरीफ मौसम में धान की सूखी बोनी के तरीके बताये।

कृषि वानिकी पद्धतियों को अपनाने की बात की,कृषि विस्तार शिक्षा के वैज्ञानिक डॉ. संजय सिंह ने कृषकों को केचुआ खाद उत्पादन उत्पादन के तरीके एवं उससे होने वाले लाभ की जानकारी दिये। कार्यक्रम के दौरान कृषि विज्ञान केन्द्र में कार्यक्रम तकनीकी एजेट बनाने में सहयोग दिये। गाँव के प्रगतिशील कृषक दिलीप सिंह,मृगेन्द्र सिंह एवं कृषक मित्र यशपाल सिंह ने अत्यंत सहयोग प्रदान किया मंच का संचालन कृषि विज्ञान केन्द्र के सस्य वैज्ञानिक डॉ. बी. के. तिवारी ने किया। अंत में सभी वैज्ञानिक एवं कृषकों ने प्रदर्शन प्लाटों में जाकर मसूर एवं अलसी की फसलों का अवलोकन किया।



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