News

देश के सिंहासन पर किसानों की होनी चाहिए हुकूमत: भारतीय कृषक दल

"सिंहासन छोड़ो -अब किसान की बारी है"

भारतीय कृषक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरोज दीक्षित ने पार्टी स्थित कार्यालय हरदोई में कोर ग्रुप के पदाधिकारियों के साथ एक बैठक की जिसमें तय किया गया कि उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न प्रांतों में किसानों मजदूरों व आम जनों में सरकारों के प्रति रोष व्याप्त है। जिसे देखते हुए भारतीय कृषक दल देश हित में परिवर्तन के लिए पदयात्राएं करेगा जिसका शुभारंभ उत्तर प्रदेश की शहीद नगरी शाहजहांपुर से प्रारंभ होगा। शाहजहांपुर में 30 जुलाई को तिलहर से शाहजहांपुर तक लगभग 32 किलोमीटर की पदयात्रा की जायगी। 8 जुलाई को दारुल शफा बी ब्लॉक कामन हाल लखनऊ उत्तर प्रदेश में एक बैठक कर देश के विभिन्न हिस्सों में भारतीय कृषक दल पदयात्रा की अन्य तारीख भी तय करेगी। दीक्षित ने कहा "इस देश को समृद्धशाली बनाने में सबसे ज्यादा यदि किसी का योगदान है तो वह किसान का है जी तोड़ मेहनत करके किसानों ने देश में अन्न एवं अन्य फसलों का उत्पादन पैदा करके विश्व पटल पर देश को एक नया आयाम दिया लेकिन बदले में सरकारों ने ऐसी नीतियां बनाई किसान का बेटा कभी भी अच्छे स्कूल में न शिक्षा ग्रहण कर पाया और ना ही उसको अच्छी दवाई ही मिल पाई, यहां तक कि किसान आयोग का गठन तक नहीं किया गया क्या यह किसान के साथ अन्याय नहीं कि जिस किसान ने देश को विश्व के पटल पर स्थापित करने में अहम रोल अदा किया। वह भुखमरी की कगार पर है और आत्महत्या के लिए विवश हो रहा है भारतीय कृषक दल ऐसी सरकारों के प्रति एक ही आवाज बोलता है कि

सिंहासन छोड़ो -

अब किसान की बारी है !

पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रमोद यादव ने कहा कि जब तक सरकारे किसान व आमजन के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित नहीं करेंगी तब तक देश का कायाकल्प नहीं हो सकता !चुनाव जीतने के लिए पार्टियां जिस घोषणा पत्र का इस्तेमाल करती हैं चुनाव जीतने के बाद उसकोधरातल पर लागू नहीं करती चुनावी घोषणा पत्र में जो कहते हैं वह पूरा ना कर पाने में उनको अपना पद छोड़ना चाहिए अथवा उन को पद से हटाना चाहिए इसको लेकर संविधान में संशोधन हो !आज संविधान बचाओ, किसान बचाओ -अभियान की जरूरत हैजिससे आम जनमानस सुकून पा सके !राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह एडवोकेट ने कहा मां गंगा व किसान दोनों के साथ सरकार ने धोखा किया नमामि गंगे प्रोजेक्ट के माध्यम से करोड़ों रुपया खर्चा हुआ लेकिन मां गंगा निर्मल ना हो सकी वही किसान को करोड़ो रूपये का अनुदान दिया परंतु किसान भुखमरी की कगार पर है आत्महत्या करने के लिए विवश है क्या इसमे भी धोखा तो नही! बैठक को सोनेलाल अवस्थी, रामविलास पांडे संतोष गुप्ता यदुवीर सिंह रघुनंदन सिंह आदि लोगों ने भी संबोधित किया।



English Summary: Farmers should have rule over the throne of the country: Indian Farmers' Party

Share your comments


Subscribe to newsletter

Sign up with your email to get updates about the most important stories directly into your inbox

Just in