1. ख़बरें

आम के बाग में मुर्गी पालन के किसान कर रहे आय दोगुनी...

KJ Staff
KJ Staff

Poultry Farming

फलों का राजा आम की प्रमुख दशहरी किस्म देश भर में धमाल मचाती है. सीजन में दशहरी मानों चर्चित व्यक्तित्व की तरह बाजार में प्रसिद्ध रहता है. किसानों की कृषि से अधिक आमदनी हासिल हो सके इस दिशा में सरकार के साथ-साथ भारतीय कृषि अनुसंधान केंद्र के संस्थान भी पीछे नहीं रह रहे. आप को बता दें उत्तर प्रदेश लखनऊ में स्थित केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान रहमानखेड़ा ने इसी उद्देश्य से किसानों को कई प्रशिक्षण देना प्रारंभ किया.

इस बीच संस्थान ने आम के बागों में जगह का इस्तेमाल कर बाग में मुर्गीपालन इत्यादि के लिए प्रेरित किया है. जिससे जगह का समुचित प्रयोग किया जा सके व आमदनी में वृद्धि की जा सके.

किसानों को हो अधिक फायदा

संस्थान के बागवानी विभाग प्रधान वैज्ञानिक डॉ. मनीष मिश्रा ने कृषि जागरण से बातचीत के दौरान बताया कि लखनऊ के मलिहाबाद का दशहरी देश भर में जाना जाता है. इस बीच यहां के आम की फसल ही लोगों का प्रमुख रोजगार है. यहां पर तीस हजार हैक्टेयर में आम की खेती की जाती है. लेकिन पिछले कुछ समय से वातावरण व जलवायु परिवर्तन के फलस्वरूप किसानों को ज्यादा फायदा नहीं हो रहा. जिसके लिए संस्थान ने किसानों की इस परेशानी से मुक्ति दिलाने का फैसला किया. जिसके मद्देनज़र किसानों को फार्मर फस्ट परियोजना के तहत ऐसे तकनीकों के बारे में जागरुक करने का कार्य किया जिससे किसानों को अधिक फायदा हो.

वह बताते हैं कि किसान शहरीकरण के कारण रकबे में हो रही कमी से काफी परेशान हैं जिससे उनके पास रोजगार की कमी होती जा रही है. यदि किसान के पास आम की बाग है तो किसान बाग के बीच की खाली जगह में मुर्गीपालन कर लाभ कमा सकते हैं. जिसके लिए वह केंद्रीय पक्षी अनुसंधान केंद्र बरेली द्वारा अच्छी प्रजाति लाकर किसानों को दिये गए ताकि वह बाग में मुर्गीपालन कर सकें.

यही नहीं डॉ. मिश्रा के अनुसार ग्रामीण महिलाओं के लिए आमचूर बनाने की पुरानी पद्धतियों द्वारा काफी नुकसान उठाना पड़ता था जिसके लिए उन्हें संस्थान ने ग्रिंडर स्थापित कर नवीनतम विधि द्वारा आमचूर निर्मित कर अधिक लाभ कमाने का अवसर दिया. इस बीच बिचौलिए की मध्यस्तथा दूर करने के लिए संस्थान चिंतित है.

इस विषय पर गंभीरता से कार्य करते हुए किसानों को पके हुए फलों को बाजार में बेचने के लिए कहा. जिससे किसानों का मात्र 30 रुपए प्रति किलो बिकने वाला फल 60 रुपए में बिकने लगा. साथ ही किसानों को मंडी वाले 10 प्रतिशत टैक्स से छुटकारा मिला.

English Summary: Farmers doing poultry farming in Mango garden doubled in ...

Like this article?

Hey! I am KJ Staff. Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News