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किसानों के बीच मशहूर हो रही काले गेहूं की खेती, पढ़ें पूरी खबर

किसानों की आय बढाने के लिए देश में कई तरह के प्रयोग किए जाते रहे हैं.... किसान भी अपने फायदे के लिए कई तरह की नई खेती का प्रयोग करते हैं... हर किसान को लगता है की उसे अपने फसलों की उचित कीमत मिले और इसलिए वह खेती में नई चीजों का प्रयोग करता है... वहीं देश में कई ऐसे संस्थान भी हैं जो किसानों के हित के लिये कार्य करते रहते हैं... ऐसे ही एक संस्थान नेशनल एग्री फूड बायोटेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (एनएबीआई) मोहाली ने भी किसानों के लिए एक नई कीस्म के गेहूं का इजात किया और लगभग सात साल की रिसर्च के बाद काले गेहूं का पेटेंट कराया... वहीं एनएबीआई ने इस गेहूं को 'नाबी एजमी' नाम दिया है...

यह ही नहीं काले, नीले, और जमुनी रंग वाले यह गेहूं आम गेहूं से ज्यादा पौष्टिक है... ब्लैक व्हीट, तनाव, मोटापा, कैंसर, डायबीटीज और दिल से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम में मददगार साबित होगा... बता दें कि यह रिसर्च डॉ. मोनिका गर्ग के नेतृत्व में वर्ष 2010 से की जा रही है... वहीं डॉ मोनिका गर्ग ने कृषि जागरण से संवाद करते हुए बताया की मौजूदा जानकारी के अनुसार अभी देश के कई अलग-अलग राज्यों में लगभग 89 किसानों ने इसकी खेती की है...जिसमें राजस्थान, मध्य प्रदेश,पंजाब, हरियाणा, जुगरात, छत्तिसगढ़, इत्यादि राज्यों में लगाई गई हैं... आधे किसानों इसे नार्मेल तरीके से लगाया, और आधे ने ऑर्गिक तरीके से लगाया है... वहीं उन्होंने ओवरऑल पैदावार (यील्ड) के बारे में बताया की यह कुल 85 प्रतिशत रहा... इसके साथ ही किसानों के द्वारा होने वाले लाभ के बारे में उन्होंने बताया की कई किसानों ने इसकी मार्केटींगो के बारे में थोड़ी कठिनाई बताई है वहीं एक मध्य प्रदेश के एक किसान ने इसे 200 रु प्रति किलो पर बेचा है... वहीं कॉमर्सियल एंगल के बारे में उन्होंने बताया की अभी इसके लिए कोई मुख्य रेट तय नहीं किया गया है लेकिन, इस पर काम चल रहा है और जल्द ही इसके परिणाम सामने रहेंगे... साथ ही उन्होंने यह भी कहा एनएबीआई कई बड़ी कंपनीयों से बात कर रही है और जो किसान इसकी उत्पादन करेंगे वो सीधे एनएबीआई को बेच सकते हैं...

 

जिम्मी (पत्रकार)

कृषि जागरण दिल्ली



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