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टिशू कल्चर से बढ़ाएं उत्पादन

जैन इरीगेशन कंपनी यूँ तो कृषि के कई क्षेत्रों में काम कर रही है जैसे ड्रिप इरिगेशन सिस्टम, पीवीसी पाईपिंग, फूड प्रोसेसिंग और ग्रीनहाउस। कंपनी ने 1995 से जैन टिशू कल्चर की शुरूआत की। अनुपम के. लाल यूपी के स्टेट मैनेजर ने कृषि जागरण को बताया कि यूपी में टिशू कल्चर का बहुत अच्छा बाजार है। टिशू कल्चर में कंपनी  केले, अनार, स्ट्रॉबैरी और अनानास के पौधे मार्केट में सप्लाई करती है। इस टेक्नोलाॅजी का बहुत फायदा है जहां केले के पौधे में 13 से 15 महीनों में फल मिलता है ये टेक्नोलाॅजी अपनाने से किसानों को 11 महीने में ही फल मिल जाता है। इस टेक्नोलाॅजी से उत्पादन में भी काफी फायदा हो रहा है। कंपनी ने लगभग 4 सालों में 50 हजार से 25 लाख पौधे मार्केट में सप्लाई किए हैं।

श्री लाल ने बताया कि किसानों ने ये टेक्नोलाॅजी तो अपनाई है लेकिन माइक्रो इरीगेशन जैसी टेक्नोलाॅजी अपनाने में हिचक रहे हैं। माइक्रो इरीगेशन का बिजनेस महाराष्ट्र, गुजरात और हरियाणा जैसे राज्यों में ज्यादा अच्छा है।



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