देश के किसानों को खेती करते समय कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है अच्छी तकनीक न होने के कारण. इस प्रकार की समस्याओं को ध्यान रखते हुए बिहार के कटिहार कृषि विज्ञान केंद्र की पहल से किसान को आधुनिक खेती से जोड़ने और कृषि लागत को कम करने की दिशा में विशेष कदम उठाया है. कृषि ड्रोन छिड़काव योजना की शुरुआत करके जिसके अंर्तगत किसानों फसलों पर ड्रोन से छिड़काव कराने पर 50 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है और ड्रोन संचालन को लेकर किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. आगे जानें कैसे? इस योजना में किसानों को क्या फायदा होगा.
हाई-टेक खेती से किसानों को क्या लाभ होगा?
आज की खेती में सबसे बड़ी चुनौती बढ़ती लागत और समय पर कृषि कार्य पूरा करना है. पारंपरिक तरीके से छिड़काव में जहां ज्यादा समय, श्रम और पानी लगता है, वहीं ड्रोन तकनीक इन सभी समस्याओं का समाधान बनकर सामने आई है. बिहार सरकार की यह योजना किसानों को कम खर्च में बेहतर परिणाम देने का अवसर प्रदान कर रही है.
ड्रोन के जरिए कीटनाशक, फफूंदनाशक, खरपतवारनाशी और तरल उर्वरकों का सटीक छिड़काव किया जा सकता है. इससे फसल को उतनी ही मात्रा में दवा या खाद मिलती है, जितनी वास्तव में जरूरी होती है. परिणामस्वरूप फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है और अनावश्यक रसायनों का उपयोग कम होता है.
50% अनुदान से किसानों को सीधा लाभ
अगर आप किसान है और अपने खेतों में ड्रोन से छिड़काव कराने की सोच रहे हैं, तो कृषि ड्रोन छिड़काव योजना आपके लिए एक अच्छा विकल्प है, जिसके माध्यम से आप अपने खेतों में तरल उर्वरकों का छिड़काव आसानी से करा सकते हैं. साथ ही इस योजना के तहत किसानों को सरकार 50% अनुदान की सहायता देंगी. अगर आप भी इस योजना में अप्लाई करना चाहते हैं, तो आप इस योजना में 10 एकड़ तक क्षेत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं.
किसानों को इस योजना से क्या लाभ होगा?
किसान अपनी खेत की एक एकड़ जमीन का छिड़काव मिनटों में कर सकते हैं. साथ ही ड्रोन तकनीक की सबसे बड़ी खासियत है इसकी गति जो ड्रोन मैन्युअल छिड़काव की तुलना में 50 से 60 गुना तेज काम करता है. इसकी तेज गति की सुविधा से फसलों को सही समय पर दवाई मिलती है और कीट रोगों पर भी नियंत्रण पाया जा सकता है.
पानी और कीटनाशकों की बड़ी बचत
किसान अगर अपने खेतों में ड्रोन से छिड़काव करवाते हैं, तो वह 90 प्रतिशत तक पानी और 40 प्रतिशत तक कीटनाशक एवं फफूंदनाशक की बचत कर सकते हैं. इस सुविधा से किसानों की लागत कम होगी और खेत की मिट्टी भी सेहतमंद होगी.
इसके अलावा नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, एनपीके और सूक्ष्म पोषक तत्वों जैसे तरल उर्वरकों का छिड़काव भी ड्रोन के माध्यम से आसानी से किया जा सकता है.
कैसे करें आवेदन?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन जाकर या फिर कृषि कार्यालय में जाकर किसान इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. साथ ही सरकार ने इस योजना की प्रक्रिया को बेहद ही सरल बनाया है, ताकि अधिक से अधिक किसान इस योजना का फायदा उठा सकें.
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