1. Home
  2. ख़बरें

DG डॉ. मांगी लाल जाट बोले: शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में ICAR चयन ढांचा हुआ सशक्त

ICAR में वैज्ञानिक चयन प्रक्रिया को नई दिशा देते हुए पारदर्शी और योग्यता-आधारित ढांचे को लागू किया गया है. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप कृषि विज्ञान ढांचे में ऐतिहासिक सुधार पर DG, ICAR डॉ. मांगी लाल जाट ने क्या कहां आइए जानें...

KJ Staff
dr mangi lal jat
DG, ICAR डॉ. मांगी लाल जाट

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) में चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और योग्यता-आधारित बनाने के लिए शुरू की गई पहल अब एक नई दिशा ले रही है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में ICAR ने अपने ढांचे में ऐतिहासिक सुधार किए हैं.

मोदी सरकार का विजन: 'विकसित भारत' के लिए सशक्त कृषि विज्ञान

DG, ICAR डॉ. मांगी लाल जाट ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सदैव इस बात पर बल दिया है कि हमारे किसान भाई-बहन और कृषि वैज्ञानिक आत्मनिर्भर भारत के वास्तविक निर्माता हैं. इसी सोच के अनुरूप ICAR में यह नया चयन ढांचा तैयार किया गया है, जो पारदर्शिता, योग्यता और पद की प्रासंगिकता को केंद्र में रखता है.

समिति की सिफारिशें हुईं लागू

DG डॉ. जाट ने बताया कि जुलाई 2025 में गठित उच्चस्तरीय समिति, जिसकी अध्यक्षता प्रतिष्ठित शिक्षाविद् और UGC के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर वेद प्रकाश जी ने की थी, ने दिसंबर 2025 में अपनी रिपोर्ट दी. समिति में देश के विख्यात कृषि वैज्ञानिकों और चयन विशेषज्ञों को शामिल किया गया था. अब उनकी सिफारिशों को लागू किया जा रहा है, जिससे चयन में पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित हों.

'व्यक्ति नहीं, पद महत्वपूर्ण': चयन में वैचारिक बदलाव

DG डॉ. मांगी लाल जाट ने बताया कि अब चयन प्रक्रिया ‘पद-केंद्रित’ होगी, यानी जिस पद के लिए चयन हो रहा है, उसके अनुरूप योग्यता और कार्यप्रासंगिक अनुभव को प्राथमिकता दी जाएगी. उन्होंने कहा कि यह बदलाव इस बात का प्रतीक है कि ICAR अब व्यक्ति नहीं, पद की आवश्यकता के आधार पर सर्वोत्तम प्रतिभा का चयन करेगा.

वैज्ञानिक संतुलन: स्कोरकार्ड और इंटरव्यू में स्पष्ट अनुपात

उन्होंने बताया कि नए स्कोरिंग मॉडल में वस्तुनिष्ठता को सुनिश्चित करने के लिए स्कोरकार्ड और साक्षात्कार का वैज्ञानिक संतुलन तय किया गया है –

अनुसंधान प्रबंधन पद (RMPs): 70:30

गैर-RMP (Heads/PCs): 75:25

प्रधान एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक: 80:20

यह मॉडल चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और वैज्ञानिक मानकों पर आधारित बनाता है.

H-Index और नेतृत्व पर जोर

अब केवल शोध पत्रों की संख्या नहीं, बल्कि H-Index के माध्यम से शोध के वास्तविक प्रभाव का मूल्यांकन होगा. साथ ही, नेतृत्व कौशल और प्रबंधन क्षमता को भी प्रमुख मीट्रिक बनाया गया है ताकि वैज्ञानिक उत्कृष्टता के साथ प्रशासनिक दक्षता भी सुनिश्चित हो.

दुर्गम क्षेत्रों के वैज्ञानिकों को विशेष सम्मान

डॉ. जाट के अनुसार, केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह के नेतृत्व में ICAR अब उन वैज्ञानिकों को विशेष वेटेज दे रहा है, जिन्होंने देश के कठिन और दुर्गम क्षेत्रों में सेवा की है. डॉ. जाट ने कहा, “यह उनके समर्पण और त्याग के प्रति भारत सरकार की कृतज्ञता का प्रतीक है.”

वैश्विक अवसर और समान अवसर से सशक्त प्रणाली

उन्होंने बताया कि अब भारतीय प्रवासी वैज्ञानिकों तथा अन्य संस्थानों की श्रेष्ठ प्रतिभाओं के लिए भी ICAR में चयन प्रक्रिया अधिक खुली और सुलभ होगी. चयन का हर चरण पारदर्शी और योग्यता-आधारित होगा.

मनोमितीय विश्लेषण और विशेषज्ञ प्रशिक्षण : चयन में नई कसौटी

महानिदेशक डॉ. जाट ने बताया कि उम्मीदवारों के मनोमितीय मूल्यांकन (Psychometric Analysis) और साक्षात्कारकर्ताओं के ओरिएंटेशन जैसे आयाम जोड़े गए हैं ताकि प्रक्रिया पूर्णतः वैज्ञानिक और त्रुटिरहित बने.

किसान और उद्योग के साथ जुड़ाव : शोध का नया फोकस

उन्होंने बताया कि नए ढांचे में किसान-केंद्रित और उद्योग-उन्मुख शोध, साथ ही बहुविषयक अनुसंधान को प्राथमिकता दी गई है. इससे कृषि अनुसंधान का सीधा लाभ किसानों और स्टार्टअप सेक्टर तक पहुंचेगा.

कार्यसंस्कृति में परिवर्तन का संकल्प

DG डॉ. मांगी लाल जाट ने कहा, “यह सुधार सिर्फ चयन प्रक्रिया का नहीं, बल्कि पूरे ICAR की कार्यसंस्कृति में परिवर्तन का आरंभ है. हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर वैज्ञानिक अपनी विशेषज्ञता – शोध, शिक्षण या विस्तार – के अनुरूप आगे बढ़ सके.”

विकसित भारत 2047’ की ओर सशक्त कदम

केंद्रीय कृषि मंत्री  शिवराज सिंह के दिशा-निर्देश के अनुसार, इन सुधारों के माध्यम से ICAR अब ‘Viksit Bharat 2047’ के लक्ष्य की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाने को तैयार है. मंत्री  चौहान की दूरदृष्टि और प्रोफेसर वेद प्रकाश समिति की सिफारिशें भारतीय कृषि अनुसंधान को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी.

English Summary: DG Dr. Mangilal Jat statement ICAR will become the national model scientific selection Published on: 17 January 2026, 11:23 PM IST

Like this article?

Hey! I am KJ Staff. Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News