आपके फसलों की समस्याओं का समाधान करे
  1. ख़बरें

बंद उर्वरक संयंत्रों को दोबारा चालू होंगे

सड़क परिवहन और राजमार्ग, जहाजरानी तथा रसायन एवं उर्वरक राज्‍य मंत्री  मनसुख लाल मंडाविया ने बंद उर्वरक संयंत्रों को दोबारा शुरू करने से संबधित प्रश्‍न पर राज्‍यसभा में बताया कि फिलहाल सार्वजनिक क्षेत्र के आठ उर्वरक संयंत्र बंद पड़े हैं। वर्तमान में बंद पड़े इन संयंत्रों में से पांच यथा – तलचर, रामागुंडम, गोरखपुर, सिंदरी और बरौनी को प्रति 1.27 एमएमटीपीए क्षमता वाले अमोनिया-यूरिया संयंत्र की स्‍थापना करके दोबारा से चालू किया जा रहा है। 

     उन्‍होंने बताया कि भारतीय उर्वरक निगम लिमिटेड (एफसीआईएल) की गोरखपुर और सिंदरी इकाइयां तथा हिन्‍दुस्‍तान उर्वरक निगम लिमिटेड (एचएफसीएल) की बरौनी इकाई को सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के विशेष उद्देश्‍य वाले साधनों के माध्‍यम से नामांकन के जरिए फिर से चालू किया जा रहा है। राष्‍ट्रीय ताप विद्युत निगम, कोल इंडिया लिमिटेड, इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड और एफसीआईएल/एचएफसीएल को शामिल करके हिन्‍दुस्‍तान उर्वरक और रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) नामक संयुक्‍त उद्यम कंपनी का गठन किया गया है।  

   उन्‍होंने बताया कि एफसीआईएल की तलचर इकाई को ‘नामांकन के आधार पर’ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों यथा राष्‍ट्रीय रसायन और उर्वरक लिमिटेड (आरसीएफ) गेल (इंडिया) लिमिटेड,सीआईएल और एफसीआईएल के संघ द्वारा दोबारा चालू किया जा रहा है। एक संयुक्‍त उद्यम कंपनी ‘तलचर फर्टिलाइजर्स लिमिटेड’ (टीएफएल) का गठन किया गया है। एफसीआईएल की रामागुंडम इकाई को ‘नामांकन के आधार पर’ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों यथा इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (ईआईएल), राष्‍ट्रीय उर्वरक लिमिटेड (एनएफएल) और एफसीआईएल द्वारा दोबारा चालू किया जा रहा है। एक संयुक्‍त उद्यम कंपनी ‘रामागुंडम फर्टिलाइजर्स एंड कैमिकल लिमिटेड’ का गठन किया गया है। इन संयंत्रों में परिचालन आरंभ होने की तिथि निम्‍नलिखित है :

उर्वरक संयंत्र

परिचालन आरंभ होने की अपेक्षित तिथि

तलचर

दिसंबर, 2020

रामागुंडम

नवम्‍बर, 2018

गोरखपुर

अगस्‍त, 2020

सिंदरी

सितंबर, 2020

बरौनी

अक्‍टूबर, 2020

English Summary: Closed fertilizer plants will be restored

Like this article?

Hey! I am . Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News