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Agric Icon Award: बस्तर की बेटी दसमति नेताम "हर्बल फार्मिंग आइकान-2026" के लिए नामांकित

बस्तर की मूल आदिवासी गोंड समुदाय की दसमति नेताम को जैविक व वन औषधीय खेती तथा आदिवासी महिला सशक्तिकरण में 30 वर्षों के योगदान के लिए “हर्बल फार्मिंग आइकान-2026” हेतु नामांकित किया गया है. मां दंतेश्वरी हर्बल महिला समूह की दसमति ने हजारों आदिवासी परिवारों को आत्मनिर्भर बनाया, पर्यावरण संरक्षण, आयुर्वेदिक औषधि निर्माण व ग्रामीण विकास में उल्लेखनीय कार्य किया है.

KJ Staff
Dasmati Netam
मां दंतेश्वरी हर्बल समूह की अध्यक्ष एवं बस्तर की बेटी दसमति नेताम
  • बस्तर के मूल आदिवासी गोंड समुदाय की सदस्य हैं दसमति, 30 वर्षों से जैविक व वन औषधीय खेती में सक्रिय

  • आदिवासी महिलाओं को खेती से जोड़कर हजारों परिवारों को आत्मनिर्भर बनाया

  • ग्रामीण विकास, पर्यावरण संरक्षण, आयुर्वेदिक औषधि निर्माण एवं टिशू कल्चर तकनीक में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त

  • बाबा आमटे के संस्थान से ग्रामीण विकास के उद्योगों का लिया है प्रशिक्षण

मां दंतेश्वरी हर्बल समूह की अध्यक्ष एवं बस्तर की बेटी दसमति नेताम, जो स्वयं बस्तर के मूल आदिवासी गोंड समुदाय की सदस्य हैं, को जैविक पद्धति से वन औषधीय खेती को बढ़ावा देने तथा आदिवासी महिला सशक्तिकरण में उनके असाधारण योगदान के लिए देश के शीर्ष कृषि सम्मान “हर्बल फार्मिंग आईकान-2026” के लिए नामांकित किया गया है. यह सम्मान आगामी अप्रैल माह में देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित एक भव्य राष्ट्रीय समारोह में प्रदान किया जाएगा.

उल्लेखनीय है कि दसमति नेताम पिछले लगभग 30 वर्षों से मां दंतेश्वरी हर्बल समूह से जुड़ी हुई हैं और बस्तर अंचल की विशेष रूप से आदिवासी परिवारों की महिलाओं को जैविक एवं हर्बल खेती से जोड़ने में उन्होंने अग्रणी भूमिका निभाई है. उनके प्रयासों से सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों आदिवासी परिवारों की आजीविका और आर्थिक स्थिति में स्थायी सुधार देखने को मिला है.

दसमति नेताम ने ग्रामीण विकास का प्रशिक्षण वर्धा, पर्यावरण संरक्षण का प्रशिक्षण टिहरी गढ़वाल (उत्तराखंड), आयुर्वेदिक औषधि निर्माण का प्रशिक्षण बांदा (उत्तर प्रदेश) तथा टिशू कल्चर टेक्नोलॉजी का प्रशिक्षण आरती संस्थान, पुणे से प्राप्त किया है. इसके अतिरिक्त उन्होंने प्रसिद्ध समाजसेवी बाबा आमटे द्वारा संचालित महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम में भी विशेष प्रशिक्षण हासिल किया है. उनके प्रशिक्षण और अनुभव का लाभ सीधे बस्तर के गांवों और आदिवासी परिवारों तक पहुंचा है. उनकी जैविक खेती वनौषधि संरक्षण तथा समाज सेवा के विभिन्न कार्यों को देखते हुए इससे पूर्व में कई प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए हैं.

वर्तमान में दसमति नेताम ‘मां दंतेश्वरी हर्बल महिला समूह’ की अध्यक्ष होने के साथ-साथ 25 वर्ष पुराने समाजसेवी संस्थान ‘संपदा’ की भी अध्यक्ष हैं. उनके नेतृत्व में मां दंतेश्वरी हर्बल समूह द्वारा बस्तर के गांवों में आदिवासी परिवारों की घर-बाड़ी में पहले से उगे पेड़ों पर निःशुल्क काली-मिर्च पौधारोपण अभियान ‘मिशन ब्लैक गोल्ड’ तथा घर-बाड़ी की बाउंड्री पर बहुउपयोगी पौधे अनाटो के निःशुल्क रोपण हेतु ‘मिशन सिंदूरी’ जैसे अभिनव अभियान संचालित किए गए हैं, जिनसे अब तक हजारों आदिवासी परिवार लाभान्वित हो चुके हैं.

यह नामांकन किसी सोशल मीडिया प्रचार या दिखावे का परिणाम नहीं, बल्कि जमीन से जुड़ी मेहनत, पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक प्रशिक्षण के समन्वय की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति है. यह सिद्ध करता है कि सम्मान उन्हें मिलता है जो खेतों में काम करते हैं, समाज को जोड़ते हैं और आत्मनिर्भरता का मार्ग दिखाते हैं.

मां दंतेश्वरी हर्बल समूह की सदस्या, मां दंतेश्वरी हर्बल महिला समूह की अध्यक्ष एवं मूल आदिवासी गोंड समुदाय से आने वाली बस्तर की बेटी दसमति नेताम को यह सम्मान मिलना मां दंतेश्वरी हर्बल समूह ही नहीं बल्कि पूरे बस्तर और आदिवासी समाज के लिए गर्व का विषय है.

English Summary: Chhattisgarh Bastar tribal woman Dasmati Netam nominated for herbal farming icon award 2026 Published on: 15 January 2026, 06:14 PM IST

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