सिर्फ 10 प्रतिशत पैसे लगाकर किसान बनाएंगे अपनी कंपनी, बेचेंगे फल और सब्जी...

सब्जी उत्पादन किसानों पर सरकार मेहरबान हो रही है। किसान कंपनी बनाकर सब्जियों व फ्रूट को खुद ही बेच पाएंगे। इस काम में सरकार उनकी मदद करेगी।

कोल्ड स्टोर खोलने, पैक हाउस, ग्रेडिंग पैक हाउस, मशीनों, प्लास्टिक टर्नल व बंबू स्टेकिंग में 70 से 90 फीसदी तक सब्सिडी देगी।

इसके लिए किसानों को कंपनी एक्ट के तहत फार्मर प्रोड्यूसर ऑग्रनाइजेशन (एफपीओ) बनाना होगा। एफपीओ बनाने के लिए प्रति किसान को हजार रुपये फीस देनी होगी और कम से कम ढाई एकड़ जगह होनी चाहिए।

इसके लिए सरकार ने फतेहाबाद के एक्शन प्लान को 3 करोड़ 31 लाख से बढ़ाकर 5 करोड़ 49 लाख रुपये कर दिया है। फतेहाबाद जिले में करीब 10 हजार हैक्टेयर भूमि पर सब्जी व फल उत्पादन होता है। जिसमें करीब 400 हेक्टेयर में टमाटर, 500 में आलू, 800 में फूलगोभी व 450 हेक्टेयर में प्याज की खेती होती है। गांव अकांवाली में टमाटर, माजरा में आलू, जांडली, गोरखपुर, भूना में किन्नू सहित अनेक गांवों में एक ही किस्म की सब्जी व फलों की खेती हो रही है।

किसानों को ओपन पॉलीनेडिट बीज तैयार करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। ऐसे में विभाग द्वारा एक ही तरह का उत्पादन करने वाले गांवों को अलग श्रेणी में रखने के लिए करोप कलस्टर डवलपमेंट प्लान (सीसीडीपी) बनाएगा। फतेहाबाद जिले में 7 कलस्टर बनेंगे। पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर 50 हेक्टेयर के किसानों को बीज तैयार करने के लिए प्रति एकड़ 4900 रुपये सब्सिडी मिलेगी।

इसके लिए किसान 31 मार्च तक आवेदन कर सकेंगे। कलस्टर मे शामिल किसानों को आने वाले तीन साल तक पैक हाउस, नेट हाउस, बंबू स्टेकिंग जैसी विभिन्न योजनाओं में प्राथमिकता मिलेगी। तीन साल खत्म होने के बाद नए किसानों के कलस्टर को ये सुविधाएं मिलेगी। 

कंपनी एक्ट के तहत किसान एफपीओ बनाकर खुद की फसलें बेच सकेंगे। साथ ही बीज तैयार करने पर सब्सिडी मिलेगी। इसके लिए सरकार किसानों की मदद करेगी। -डॉ. श्रवण बराड़, जिला बागवानी अधिकारी

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