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सेना का जवान निकला ISI एजेंट, पाक को बेचने जा रहा था कई खुफिया जानकारी हुआ गिरफ्तार

जिस पुलवामा आतंकी हमले ने देशभर के लोगों को हिलाकर रख दिया था. जिसमें सुरक्षा बल के 42 जवान शहीद हो गए थे. उसी हमले से जुड़ी हुई मार्च माह में एक खबर आई थी कि 'मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज' में कार्यरत एक इलेक्ट्रीशियन पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ (ISI) के एजेंट के तौर पर गिरफ्तार किया गया है. खबरों की माने तो उसने पुलवामा में आतंकी हमले के बाद आइएसआइ को भारतीय सेना की खुफिया खबरें और गतिविधियों के बारे में जानकारी दी थी. कुछ इसी तरह की अब सेना से जुड़ी हुई एक और खबर आई है -

दरअसल जम्मू-कश्मीर की 6 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात सिपाही मलकीयत सिंह को घिंरडा थाना पुलिस ने बृहस्पतिवार  को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. आरोपित के पास से 3 मोबाइल, सेना की मूवमेंट डिटेल्स, कुछ फोटोग्राफ, भारतीय फौज का ट्रेनिंग मेनुअल, सेना के इलाकों की खुफिया जानकारियां और कुछ नक्शे बरामद किए हैं. मीडिया  में आई खबरों  के मुताबिक, आरोपित ISI के साथ-साथ भारत-पाक सीमा के साथ सटे गांवों में रहने वाले तस्करों के भी संपर्क में था. एसएसपी देहाती विक्रमजीत दुग्गल ने बताया कि आरोपित मलकीयत सिंह से सेना की ओर से पूछताछ की जा रही है. उक्त जानकारियां उसने प्राथमिक जांच में बताई हैं. फिलहाल पकड़े गए आरोपित को कोर्ट पेश किया जाएगा.

खबरों  के मुताबिक, घिंरडा थाना के अंतर्गत महावा गांव का रहने वालाा बलदेव सिंह का बेटा मलकीयत सिंह सेना में नौकरी करता है. इस समय वह जम्मू-कश्मीर में 6 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात है और कुछ दिन की छुट्टी लेकर इनदिनों अपने गांव आया था. इसी दरमियाँ पुलिस की खुफिया शाखा को सूचना मिली थी कि मलकीयत सिंह सेना के कुछ दस्तावेजों को अमृतसर और अजनाला सेक्टर के माध्यम से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI को सौंपने वाला है. जिससे  देश की सेना को काफी खतरा हो सकता है.

इसी आधार पर पुलिस ने महावा गांव में ही ट्रेप लगाकर आरोपित को पकड़ लिया. तलाशी के दौरान आरोपित मलकीयत सिंह के पास से तीन मोबाइल, सेना की मूवमेंट डिटेल्स, कुछ फोटोग्राफ, भारतीय फौज का ट्रेनिंग मेनुअल, सेना के इलाकों की खुफिया जानकारियां और कुछ नक्शे बरामद किए गए. पुलिस के प्राथमिक पूछताछ में आरोपित ने स्वीकार किया है कि वह पिछले डेढ़ साल से सोशल मीडिया के जरिए ISI के किसी एजेंट के संपर्क में आया था. इसके बाद उसने सोशल मीडिया के जरिए उनसे नजदीकियां बढ़ानी शुरू कर दीं थी.



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