1. ख़बरें

मुख्यमंत्री कृषि संजीवनी योजना की घोषणा...

मुंबई : राज्य के ऊर्जा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बिजली बिल बकायादार कृषि पंप धारक किसानों के लिए 'मुख्यमंत्री कृषि संजीवनी योजना-2017' की घोषणा की है। इस योजना के तहत जुर्माना और ब्याज की रकम छोड़कर सिर्फ मूल रकम को पांच समान किस्तों में जमा कर सकेंगे। 
बावनकुले के अनुसार,  30 हजार रुपये से कम के बकायेदार किसानों को भुगतान के लिए पांच समान किस्तों में और 30 हजार से अधिक के बकायेदार किसानों को 10 समान किस्तों में रकम जमा करनी होगी। योजना में शामिल होने के लिए मौजूदा बिल नवंबर '17 तक भरकर मूल बकाया राशि की 20 प्रतिशत की पहली किस्त जमा करानी होगी। इसके बाद मार्च '18 से दिसम्बर '18 तक हर तीन महीने पर 20 प्रतिशत की दर से पूरी बकाया राशि महावितरण के पास जमा करनी होगी। इस योजना में शामिल नहीं होने वाले बकायादार किसानों की बिजली काट दी जाएगी। 

महाराष्ट्र में करीब 41 लाख कृषि ग्राहक
महाराष्ट्र में करीब 41 लाख कृषि ग्राहक हैं जिनका कनेक्शन भार 2 करोड़ 12 लाख अश्वशक्ति है। इनमें से 25.41 लाख ग्राहकों को मीटर द्वारा तथा 15.41 लाख किसानों को बिजली कनेक्शन अश्वशक्ति के आधार पर दिए जाएंगे। कृषि के लिए प्रत्येक कनेक्शन पर करीब 1.16 लाख का खर्च आता है। महावितरण द्वारा अपने पास सिक्यूरिटी के तौर पर 3 हजार से लेकर साढ़े सात हजार रुपये लेकर कनेक्शन प्रदान किया जाता है। कनेक्शन के लिए आने वाला 1.16 लाख का खर्च सरकार की ओर से अनुदान के रूप में या महावितरण द्वारा कर्ज लेकर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध की जाती हैं।

बिजली नियामक आयोग ने वित्त वर्ष 2016-17 के लिए रुपये 6.50 प्रति यूनिट के हिसाब से दर तय की थी। किसानों के लिए यह दर रुपये 3.40 प्रति यूनिट दर तय की गई। शेष 3.10 रुपये प्रति यूनिट सब्सिडी के माध्यम से औद्योगिक, वाणिज्यिक व अन्य ग्राहकों से प्राप्त किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त कृषि ग्राहकों के लिए सरकार के माध्यम से 1.60 रुपये छूट देकर कृषि ग्राहकों से केवल 1.80 रुपये प्रति यूनिट बिजली बिल लिया जाता है।

सूत्र : एनबीटी

English Summary: Announcement of CM Agriculture Sanjivani Yojana ...

Like this article?

Hey! I am . Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News