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राशन चोरों पर लगेगा लगाम! कम तौल, देरी और बहानेबाजी पर नियंत्रण, AI टेक्नोलॉजी के जरिए राशन सिस्टम होगा हाई-टेक, पढ़ें पूरी खबर..

Ration Card News: भारत सरकार ने 80 करोड़ राशनकार्ड धारकों के लिए ऐसी वितरण प्रणाली चुनी है, जिसके माध्यम से अनाज खरीद से वितरण तक की पूरी जानकारी निगरानी में रहेंगी और यह तकनीक है AI जिससें भारत मंडपम में एआई समिट में प्रदर्शित किया गया है.

KJ Staff
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AI टेक्नोलॉजी के जरिए राशन सिस्टम होगा हाई-टेक (Image Source-AI generate)

राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है. सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में बड़ा तकनीकी बदलाव करने जा रही है. केंद्र सरकार (AI) आधारित एकीकृत डिजिटल माध्यम के अनुसार, नई व्यवस्था अनाज की खरीद से लेकर भंडारण, ढुलाई और राशन की दुकानों तक हर चरण की डिजिटल निगरानी सुनिश्चित करेगी और साथ ही इससे लोगों को यह फायदा होगा. वह कम तौल, वितरण में देरी और बहानेबाजी जैसी शिकायतों पर प्रभावी रोक लगने जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा.

स्मार्ट पीडीएस’ का होगा उपयोग

यह नई पहल केंद्र में ‘स्मार्ट पीडीएस’ नाम का डिजिटल प्लेटफॉर्म से होगी. इसके जरिए राशन कार्ड डेटा, अनाज आवंटन, गोदामों में स्टॉक की स्थिति, राज्यों तक में कितना राशन भेजा गया है और दुकानों की वितरण की पूरी जानकारी को एक सिस्टम जोड़ेगा. AI एल्गोरिद्म यह प्लेटफॉर्म बताएगा कि किस इलाके में कितने अनाज की जरुरत है. कहां अनाज की कमी आ गई है. इस पूरे प्रोसेस को AI डिजिटल प्लेटफॉर्म आसान बना देगा.

ढुलाई व्यवस्था होगी स्मार्ट

सरकार ढुलाई और लॉजिस्टिक्स सुधार के लिए ‘अन्न चक्र’ प्रणाली लागू करेंगी. इस व्यवस्था से गोदामों में कितना भंडार है, इलाकों में कितनी मांग, मौसम और मार्गों की स्थिति का विश्लेषण कर अनाज परिवहन के सबसे उपयुक्त रास्ते तय करेगी. AI आधारित रूट ऑप्टिमाइजेशन से समय और लागत में भी कमी आएंगी.

अन्नपूर्णा अनाज मशीन’ से क्या होगा लाभ?

‘अन्नपूर्णा अनाज मशीन’ राशन लाभार्थियों के लिए एक बड़ा बदलाव होगा. यह मशीन लाभार्थी की पहचान करने के बाद जितना अनाज लाभार्थी को मिलता है उतनी ही मात्रा में अनाज वितरण करेंगी. इससे कम तौल, मानवीय त्रुटि या मनमानी की शिकायतों में कमी आएंगी.

मशीन में डिजिटल वेटिंग और रिकॉर्डिंग सुविधा होगी, जिससे हर वितरण का डेटा सुरक्षित रहेगा। जरूरत पड़ने पर अधिकारी वितरण इतिहास की जांच कर सकेंगे। इससे दुकानों पर पारदर्शिता और भरोसा बढ़ेगा।

आशा’ मंच से शिकायत निवारण होगा तेज

अक्सर राशन उभोक्ताओं को जब समय पर अनाज वितरण नहीं किया जाता है, तो उनके सामने यह समस्या आती है कि वह अपनी शिकायत कहां दर्ज करें जहां उनकी परेशानी को समझा जाए, लेकिन अब ऐसी समस्याएं नहीं आएंगी. उपभोक्ता शिकायतों के समाधान के लिए ‘आशा’ नाम का बहुभाषी डिजिटल मंच तैयार किया गया है. इस प्लेटफॉर्म के जरिए लाभार्थी कम तौल, अनाज की गुणवत्ता या वितरण में देरी जैसी समस्याओं की शिकायत दर्ज करा सकेंगे.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: AI Monitoring Ration System curb underweight delays and excuses 80 crore beneficiaries will benefit from a transparent system Published on: 18 February 2026, 06:15 PM IST

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