बकरी के मांस व दूध में होती है अधिक प्रोटीन, युवा बकरीपालन में तलाश सकते हैं रोजगार

व्यावसायिक बकरीपालन से लाभ कमाने के लिए किसान भाइयों भारतीय कृषि  अनुसंधान परिषद- केंद्रीय बकरी अनुसंधान केंद्र मखदूम फरह के द्वारा 8 दिवसीय वैज्ञानिक तरीके से बकरी पालन करने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 13-20 फरवरी, 2018 तक आयोजित किया जा रहा है। इस 74 वें राष्ट्रीय प्रशिक्षण के दौरान 20 राज्यों से आये हुए बकरी पालकों को वैज्ञानिक बकरी पालक पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान के मुख्य अतिथि पूरन प्रकाश , माननीय विधायक, बलदेव विधान सभा के कर कमलों द्वारा किया गया । इस अवसर पर पदम जी ( समाजसेवी एवं पूर्व निदेशक, दीनदयाल धाम, फरह) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। माननीय मुख्य अतिथि ने बताया कि बकरी पालकों के लिए बकरी पालन व्यवसाय उनकी आय को बढ़ाने का एक बहुत महत्वपूर्ण साधन है।  

संस्थान निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह चैहान ने प्रशिक्षणार्थियों एवं प्रशिक्षण में सहभागिता निभाने वाले को संस्थान में विकसित तकनीकि एवं शोध कार्यों के बारे में जानकारी दी उन्होंने कहा कि प्रशिक्षणार्थी वैज्ञानिक एवं व्यवसायिक बकरी पालन में अभिरूचि रखें तो उनकी आय निश्चित रूप से दोगुनी हो सकती है, यहाँ पर यह बताना भी आवश्यक है कि बकरी दुग्ध एवं मांस में कई ऐसी प्रोटीन पाई जाती हैं जो आम भोजन में नहीं पाई जाती हैं , बकरी के दूध को स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है क्योंकि यह सुपाच्य एवं इसमें अनेक रोगों से लड़ने की क्षमता है। साथ ही उन्होंने कहा कि संस्थान बकरी पालकों की सेवार्थ हर समय तत्पर है।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि  ने कहा कि हमारे युवाओं को स्वरोजगार के रूप में व्यवसायिक एवं वैज्ञानिक तकनीकी से बकरी पालन पर अधिक जोर देना चाहिए जिससे वे अधिक से अधिक मुनाफा कमा सकें  साथ ही समाज के अन्य युवाओं को भी इस व्यवसाय को अपनाने के लिए प्रेरित कर सकें। इस अवसर पर डा. बृजमोहन, प्रभारी, प्रसार शिक्षा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं उसके पाठ्यक्रम के बारे में जानकारी प्रदान की। डा. अनुपम कृष्ण दीक्षित, वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कार्यक्रम का संचालन किया एवं डा. मनोज कुमार सिंह, प्रधान वैज्ञानिक ने समस्त जनों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर संस्थान के समस्त विभागाध्यक्ष एवं वैज्ञानिक और अनेक जन उपस्थित थे।

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