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आखिर धान की खेती करने से किसानों को क्यों मना कर रहें है मुख्यमंत्री?

देश में लगे लॉकडाउन से किसानों की समस्या हल करने के लिए सरकारार तरह-तरह के प्रयास कर रही है. इसी बीच हाल ही में हरियाणा प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रदेश के किसानों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बात की जिसमें उन्होंने देश में लॉकडाउन के दौरान रबी फसल के खरीदी में आ रही समस्या को भी सुना और किसानों से उसे सरल बनाने की विचार भी मांगे.

मुख्य्मंत्री ने विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधियों, प्रगतिशील किसानों से बातचीत के दौरान कहा कि 'जल ही जीवन है’ अभियान को चलाने का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में जल संरक्षण (जल को बचाना) को बढ़ावा देना है. इसलिए सरकार चाहती है कि प्रदेश के किसान इस बार धान के स्थान पर मक्का, अरहर, ग्वार, तिल, बैसाखी मूंग व दलहनी फसलों की खेती करें. इस दौरान मुख्यमंत्री ने एक किसानों को नारा दिया- "पानी बचाना है तो धान नहीं लगाना है".

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधियों तथा प्रगतिशील किसानों से समर्थन मूल्य पर हो रही रबी फसल की बिक्री पर भी बात की. उन्होंने कहा, "हरियाणा सरकार प्रदेश के अन्नदाताओं के साथ हर परिस्थिति में खड़ी है.  इसी दिशा में कार्य करते हुए सरकार द्वारा मंडियों में Social Distancing के नियमों का पालन करते हुए सरसों व गेहूं की खरीद निरंतर की जा रही है."

अधिक जानकारी के इस लिंक पर विजिट करें  https://twitter.com/cmohry/status/1254074781323767810

बता दें, जिन-जिन किसानों ने मुख्यमंत्री को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान सुझाव दिया है,  उनसे कृषि महानिदेशक विजय दहिया जल्द ही निदेशालय बुलाकर विस्तार पूर्वक सुझाव लेंगे. इसके अलावा उन्होंने कहा कि 15 दिन के अंदर जल संरक्षण पर नई नीति तथा भू-जल रिचार्ज के लिए खेतों व तालाबों में बोरवेल की एक समेकित योजना भी तैयार करने के लिए संबंधित अधिकारीयों को आदेश दिए हैं. 

English Summary: After all why is the chief minister refusing farmers to cultivate paddy

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