वो क्या है ना कि कुछ बातें सिर्फ हिंदी में ही अच्छी लगती है

आज भारत में भी अंग्रेजी का बहुत महत्व है या यूँ कहिए अगर आपको अंग्रेजी नहीं आती तो आप साक्षर नहीं है |  आज हम उन मौकों की बात करेंगे, जहां अपने आप को अंग्रेज़ मानने वालों की भी हिंदी निकल जाती है |

आप ज़्यादातर लोगों को इन दिनों अंग्रेज़ी झाड़ने की कोशिश करते देखते होंगे, ऐसे लोगों के मन में ये धारणा होती है कि अंग्रेज़ी कूल है | इन लोगों को ज़रा इन मौकों पर भी देखिएगा, सारी स्टाइल यहां धरी की धरी रह जाती है |

  1. पूजा करते हुए

जहां इंसान धार्मिक होता है, वहीं उसे सारी हिंदी भी याद आ जाती है | भगवान से कोई भी व्यक्ति कुछ अंग्रेज़ी में नहीं मांगता | पता नहीं क्यूँ लेकिन शायद हमारी फिल्मों आदि को देखते हुए सभी लोग यही मानते है की भगवान् को भी शायद अंग्रेजी नही आती |

  1. मोल-भाव करते हुए

ऑटो वाले से पैसे कम करवाते हुए या कहीं भी मोल भाव करते हुए हिंदी निकलना आम है | और हम भारतीय है तो कहीं भी मोल भाव का मौका तो कभी नहीं छोड़ते |

  1. जब कोई गाड़ी ठोक दे

अगर आप सड़क पर पर गाड़ी चला रहें है तो आप उस समय का सारा गुस्सा हिंदी में ही निकालतें है | जानते है क्यों, क्योंकि अंग्रेज़ी गालियों में वो मज़ा कहां!

  1. चुगली करते हुए

ये एक ऐसा मौका है जिसे कोई भी नहीं छोड़ता और हा इस मौके पर हो रही बातें ज्यादातर हिंदी में ही होती है, क्योंकि एक कहावत है चुगली अगर हिंदी में नहीं की तो क्या ख़ाक चुगली की |

  1. डर में

ये तो खैर बताने की जरूरात नही है ये आप सभी जानते ही होंगे डर को हिन्दुस्तानी कैसे बयां करते हैं |

  1. चोट लगने पर

इंसान का दर्द से पुराना रिश्ता है और उस दर्द के साथ जो गाली निकलती है, वो अंग्रेज़ी में नहीं होती |

  1. सरकारी बाबू से बात करते हुए

अगर आपको सरकारी बाबू से कोई काम निकलवाना है, तो आपको हिंदी तो आनी चाहिए क्योंकि भैया ई इंडिया है और इहां सब हिंदी में ही चलता है |

  1. नशे में होने पर

हां, हां, पता है दारू पी कर लोग अंग्रेज़ी बोलते हैं, लेकिन ज़्यादा पीने पर या भंड हो जाने पर बंदा वापस हिंदी पर लौट आता है |

  1. पुलिस के सामने

अगर आप को पुलिस पकड़ ले तो हालत ही ऐसी हो जाती है कि वहां लोगों को स्टाइल मारना याद ही नहीं रहता |

  1. भड़ास निकालते हुए
 

जिस दिन बॉस रुला देता है, उस शाम दोस्त को दर्द सुनाते हुए अंग्रेज़ी तो नहीं बोलते न, उसका गुस्सा तो हिंदी में ही निकलेगा ना |

तो समझे दोस्तों हम कितने ही मॉडर्न क्यों न बन लें, दिल से तो देसी ही रहते हैं | ऐसे और भी मौके आपको याद हों, तो कमेंट कर के ज़रूर बताएं

 

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