Medicinal Crops

प्राचीन काल से ही है अजमोद प्राकृतिक दवा, सेहत का रखता है ऐसे ख्याल

अजमोद का पौधा प्राचीन काल से ही भारतीय चिकित्सा विज्ञान में अहम किरदार निभाता आ रहा है. इसके अनेक फायदों के कारण ही कई लोग इसे चमत्कारिक पौधा भी कहते हैं. इस पौधे का वैज्ञानिक नाम एपियमग्रेविओलिंस (Apiumgraveolens) है। इसके फलों और बीजों में स्वास्थवर्दक शक्तियां होती है. दवाओं के रूप में इसके तेल का उपयोग अधिकतर मेडिसिन्स में होता है.

वहीं अजमोद की पत्तियों देखने में धनिये की तरह लगती है, लेकिन इसकी पत्तियों का प्रयोग कई तरह की बीमारियों के इलाज में होता है. चलिये आपको बताते हैं कि ये पौधा सेहत के लिये किस-किस तरह से फायदेमंद है.

अजमोद में हैं विटामिन्सः

अजमोद का प्रयोग घबराहट, सिरदर्द, गठिया (rheumatism), हिस्टीरिया और  कुपोषण के इलाज के लिये किया जाता है. इसी तरह अधिक थकान के उपचार में भी इसका प्रयोग किया जाता है. विटामिन ए, विटामिन बी1, पोटैशियम एवं विटामिन बी2 होने के कारण ये सेहत के लिये बहुत लाभकारी है और कई सब्जियों एवं फलों से मिलने वाली शक्तियों के बराबर है.

मोटापे से देता है छुटकाराः

बता दें कि इसमें कैलोरी बहुत कम होती है इसलिए जो लोग अपने मोटापे को लेकर परेशान हैं, उनके लिये ये फायदेमंद है. वजन को बिना बढ़ाये ये आपको हर तरह के जरूरी पोषत तत्व देता है. इसी तरह जिन लोगों को अधिक वसा की शिकायत है या जो लोग अनाआवश्यक वसा को घटाना चाहते हैं वो अजमोद का सेवन कर सकते हैं. इसमे मेटाबोलिज्म को नियंत्रित करने की जबरदस्त क्षमता होती है.

इसका एक बड़ा लाभ ये भी है कि ये एंटी-ऑक्सीडेंट, इलेक्ट्रोलाइट, विटामिन C, B एवं पोटैशियम से भरा होता है. इसलिए सेहतमंद स्किन और जख्मों को भरने के लिये इसका उपोयग लाभकारी है. वहीं ब्रेन फंक्शन को तेज़ करने एवं सेल मेटाबोलिज्म में भी इसका मुख्य योगदान है.



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