1. पशुपालन

डेयरी पशुओं में बांझपन और प्रजनन की समस्याओं को कैसे हल करें?

KJ Staff
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चित्र: कृत्रिम गर्भाधान

यदि एक दुधारू पशु गर्भवती नहीं हो पा रहा है, तो फिर यह बांझपन की समस्या है. इससे अक्सर डेयरी किसानों को भारी नुकसान होता है. पशु गर्भवती नहीं होते हैं और इसलिए दूध का उत्पादन शुरू नहीं होता है. किसान को इस अवधि के दौरान पशु को चारा और फीड उपलब्ध कराना होता है और पशु चिकित्सा पर भी खर्च करना पढता है. इससे इस अवधि में किसान को आर्थिक नुकसान होता है.

A.कैसे पोषण पशुओं की जनन क्षमता को प्रभावित करता है?

पोषण: गायों में बांझपन का पहला कारण अनुचित पोषण है. प्रारम्भिक दुग्धन में, पशु को दिए जाने वाले पोषण की सर्वोच्च प्राथमिकता दूध का उत्पादन है. इस लक्ष्य को पाने के लिए, आहार में पाए जाने वाले पोषक तत्वों के अतिरिक्त, गायों को दूध उत्पादन में सहयोग करने के लिए अपने शरीर के संचय या प्राथमिक ऊर्जा को खपाना पड़ता है. प्रारम्भिक दुग्धन में गायें पर्याप्त मात्रा में नहीं खा पाती है; इस प्रकार वे ऊर्जा की कमी की स्थिती में होती है, उनका वजन घट जाता है और गर्भ धारण करने की क्षमता बहुत कम हो जाती है. यह सिर्फ अंतिम दुग्धन चरण में होता है जब दूध उत्पादन घट जाता है, राशन द्वारा उपलब्ध ऊर्जा सकारात्मक कैलोरी का संतुलन बनाती है और यह नई गर्भावस्था शुरू करने में सहायता करती है. इस प्रकार यह आवश्यक है कि इस चरण में पशु को दिए जाने वाले आहार को घटाया न जाए, चाहे भले ही दूध उत्पादन घटता जा रहा है.

b.नकारात्मक ऊर्जा संतुलन कैसे दुधारु पशुओं में जनन क्षमता को प्रभावित करता है?

सामान्यतः प्रसव होने के बाद, पशु अपना बॉडी कंडीशन स्कोर खो देता है. बहुत सी ऊर्जा गर्भ में बछड़े के विकास में और प्रसव होने के बाद प्रारम्भिक दुग्धन में दूध उत्पादन में चली जाती है. जिसके परिणामस्वरूप नकारात्मक ऊर्जा संतुलन बनता है जो जनन शक्ति को घटाता है और किसान को नुकसान होता है. दुधारु गायों में कम जनन शक्ति के सबसे सामान्य कारणों में से एक कारण, पशुओं की जरूरत की तुलना में कम ऊर्जा या नकारात्मक ऊर्जा संतुलन भी है.

C.कैसे खनिज और विटामिन की कमी जनन क्षमता को प्रभावित करती है?

खनिज और विटामिन प्रजनन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. ये खनिज और विटामिन पशु को प्रजनन सक्षम बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है. फास्फोरस की कमी से ओसरों अर्थात् युवा बछड़ियों की यौन परिपक्वता में देरी और दुधारु गायों की जनन क्षमता में गिरावट आ सकती है. आहार में कैल्शियम और फास्फोरस की कमी या अधिकता से ब्याते समय दुग्ध-ज्वर हो सकता है.

D.कैसे शरीर दशा स्कोर (बॉडी कंडीशन स्कोर) दुधारु पशुओं की जनन क्षमता को प्रभावित करता है?

यदि गाय का बॉडी कंडीशन स्कोर कम है या बहुत अधिक है तो यह जनन क्षमता को प्रभावित करता है. 4 से अधिक बॉडी कंडीशन स्कोर की स्थिति में प्रजनन अंग जैसे अंडाशय में वसा की जमावट होती है और यह हार्मोन संबंधी क्रियाओं में हस्तक्षेप करती है. यह गर्भाधान दर को घटाता है. यदि आपकी गाय का बॉडी कंडीशन स्कोर 2.5 से नीचे है तो गर्भाधान दर में तीव्र गिरावट हो सकती है.

आवृत्ति (रिपीट) प्रजनन क्या है और इसका समाधान कैसे करें?

आवृत्ति प्रजनन या रिपीट प्रजनन करने वाली गाय या भैंस वो पशु है जो लगातार तीन बार कृत्रिम गर्भाधान या प्राकृतिक क्रिया के बाद भी गर्भ धारण करने में असफल रहती हैं. जब एक गाय गर्भ धारण करने में असफल रहती है, तो अंतर-प्रजनन अवधि में 21 दिन बढ़ जाते. अतः बढ़ाए गए हर 21 दिनों बाद, हम अगले दुग्धन चक्र का बहुत अधिक दूध उत्पादन खो रहे होंगे, और यह डेयरी फार्म के लिए नुकसान है. इसलिए यह आवश्यक है कि अंतर-प्रजनन पर करीब से नजर रखी जाए और यह देखा जाए कि योजना के अनुसार गायों का विधिवत रूप से गर्भधारण हो रहा है.

डेयरी पशुओं के प्रजनन समस्यायों को पहचानने और हल करने के तरीके के बारे में अधिक जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

https://teplu.in/p/hindi-breeding-and-reproductive-problems-in-dairy-animals/?affcode=357385_imflcu2u

English Summary: How to solve Infertility and repeat breeding in dairy animals

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