1. सरकारी योजनाएं

अब जुड़वां बेटियों पर भी लागू होगी सुकन्या समृद्धि, नियमों में हुआ है बदलाव

बेटियों के लिए सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojna) आजकल चर्चा में है, क्योंकि एक निश्चित राशि लगातार जमा कराने के बाद 21 साल का होने पर बेटियों को एकमुश्त राशि मिलती है, जो उनके जीवन के लिए संबल बनती है और उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर भी ले जाती है.

डॉ. अलका जैन
डॉ. अलका जैन
Sukanya Samriddhi Yojna
Sukanya Samriddhi Yojna

बेटियां जीवन का अनमोल धन होती हैं. माता-पिता चाहते हैं कि उनकी बेटियों का भविष्य सुरक्षित रहे और इसके लिए वे लगातार प्रयास करते रहते हैं. सरकार भी बेटियों के विकास और शिक्षा के लिए लगातार नई-नई योजनाएं सामने ला रही हैं.

बेटियों के लिए सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojna) आजकल चर्चा में है, क्योंकि एक निश्चित राशि लगातार जमा कराने के बाद 21 साल का होने पर बेटियों को एकमुश्त राशि मिलती है, जो उनके जीवन के लिए संबल बनती है और उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर भी ले जाती है.

यदि माता-पिता सरकार की इस योजना में निवेश करते हैं, तो वे अपनी बेटियों का भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं.

क्या है योजना के प्रावधान

सुकन्या समृद्धि योजना एक लंबी अवधि की योजना है. इसमें निवेश करके ना सिर्फ बेटियों की पढ़ाई बल्कि उनकी शादी तक के खर्चे की व्यवस्था की जा सकती है. इस योजना के अंतर्गत 10 वर्ष से कम आयु की बेटियों का खाता उनके पेरेंट्स के नाम पर ही खोला जाता है. इस स्कीम के अंतर्गत सालाना ढाई सौ से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक का निवेश किया जा सकता है.

एक परिवार से कितनी बेटियां है योजना की पात्र

अब यह प्रश्न मन में उठता है कि एक परिवार की कितनी बेटियों को इस योजना में शामिल किया जा सकता है. पहले इस योजना में दो बेटियों  के खाते पर  80 सी के तहत टैक्स में छूट मिलती थी, लेकिन अब इसमें बदलाव किया गया है और इसके प्रावधानों को लचीला बनाया गया है. एक बेटी के बाद अगर दो जुड़वा बेटियां पैदा होती हैं, तो उन्हें भी यह अकाउंट खुलवाने पर टैक्स में छूट मिलेगी.

कबबंद किया जा सकता है खाता

इस योजना के अंतर्गत खोले गए खाते को दो परिस्थितियों में बंद किए जाने का प्रावधान है - पहला, बच्ची की मौत हो जाए, दूसरा बच्ची के रहने का पता बदल जाए. अब नए बदलाव के अंतर्गत यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि खाताधारक को कोई जानलेवा बीमारी हो जाए, तो भी खाता बंद किया जा सकता है. यदि माता-पिता की मौत हो जाए, तो भी समय से पहले सुकन्या समृद्धि स्कीम के खाते को बंद किया जा सकता है.

क्या है खाता खुलवाने की प्रक्रिया

खाता खुलवाने की प्रक्रिया बेहद आसान है. किसी भी नजदीकी पोस्ट ऑफिस या बैंक में जाकर खाता खुलवाया जा सकता है. वैसे तो इस योजना के अंतर्गत 21 साल में लड़की को परिपक्व माना जाता है, लेकिन उम्र 18 साल होने के बाद भी पढ़ाई के लिए खाते से राशि निकालने का प्रावधान है. पूरी रकम 21 साल की उम्र होने के बाद ही प्राप्त होती है.

क्या है आवश्यक कागजात

यह खाता खोलने वक्त लड़की के बर्थ सर्टिफिकेट पोस्ट ऑफिस या बैंक में देना जरूरी है. साथ ही माता-पिता के पहचान पत्र, लड़की के पहचान पत्र और एड्रेस प्रूफ की भी आवश्यकता होती है.

इस तरह कराएं रकम जमा

इस योजना के अंतर्गत निवेश की रकम चैक, डीडी या अन्य किसी भी तरीके से जमा कराई जा सकती है जिसे बैंक स्वीकार करता हो.

कितना मिलेगा ब्याज

इसमें  7.6 %  की दर से ब्याज मिल रहा है. यानी छोटी रकम का निवेश करके लाखों रुपए जोड़े जा सकते हैं. बैंक या पोस्ट ऑफिस की सभी बचत योजनाओं में सबसे ज्यादा ब्याज वाली योजना सुकन्या समृद्धि योजना ही है.

यदि आप इस योजना के अंतर्गत हर महीने 1000 रुपये का निवेश करते हैं तो 7.6 प्रतिशत की ब्याज दर के हिसाब से 21 साल का होने पर आपको 10 लाख से ज्यादा की राशि मिलेगी.

इस तरह जब आपकी बिटिया 21 साल की हो जाएगी तो उसके नाम एक अच्छी खासी राशि जमा हो जाएगी जो उसके सुंदर भविष्य की नींव रखेगी.

English Summary: Now twin daughters will also get the benefit of Sukanya Samridhi Yojana Published on: 03 August 2022, 04:13 IST

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