Government Scheme

किसानों के लिए सुनहरा मौका, आधे दामों में मिल रहे हैं ट्रैक्टर

केंद्र सरकार और राज्य सरकारें किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहती हैं. किसानों को फ़ायदा दिलाने के लिए सरकार अनुदान जैसी नीति भी अमल में लाती है. मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी पैटर्न में एक अहम बदलाव किया है. दरअसल, सरकार ने किसानों को ट्रैक्टर, पॉवर ट्रिलर, सीड-ड्रिल, प्लाऊ, रीपर, थ्रेशर, धान ट्रांसप्लांटर पर अनुदान देने की योजना पर काम शुरू किया है.

साल 2018-19 की बात करें तो ट्रैक्टर के बाजार में तेजी देखने को मिली है. अगले वित्तीय वर्ष 2019-20 में इसके बाजार के और फर्राटा भरने के आसार हैं. क्योंकि सरकार ने यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी के प्रावधान में आमूल-चूल परिवर्तन किया है. इसके चलते अब किसानों को अनुदान भी ज़्यादा मिलेगा साथ ही वे यंत्रीकरण के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित भी होंगे. मध्यप्रदेश सरकार ने 2018-19 में 2,800 ट्रैक्टरों पर अनुदान देने का लक्ष्य रखा गया है. जो पूर्व पैटर्न के अनुसार दिया जा रहा है. सरकार ने इस साल की शेष अवधि के लिए ट्रैक्टर सब्सिडी को मौजूदा एक लाख 25 हजार रुपए से बढ़ाकर ढाई लाख रुपए किए जाने का निर्देश दिया है.

किसान व महिला किसान

8 से 20 पीटीओ एचपी- 2 से 2.50 लाख या 50%, 1.60 से 1.80 लाख या 40%

20 से 40 पीटीओ एचपी- 2.50 से 3 लाख या 50%, 2 से 2.40 लाख या 40%

40 से 70 पीटीओ एचपी- 4.25 से 5 लाख या 50%, 3.40 से 4 लाख या 40%

प्रायः यह देखने को मिलता है कि कंबाइन से कटाई करने के बाद खेत में लगभग 1.5 फीट के अवशेष बच जाते हैं. इसके बाद किसान इस अवशेष को खेत में ही जलाते हैं. जिसके चलते आगजनी की घटनाएं देखने को मिलती हैं. इसे देखते हुए साल 2013 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सख्ती के बाद खेतीबाड़ी विभाग और प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने कंबाइन के पीछे सुपर एसएमएस सिस्टम लगाने के आदेश दे दिया.

कंबाइन हार्वेस्टर एक ऐसा यंत्र है जिससे एक साथ कटाई, थ्रेसिंग और क्लीनिंग की जाती है. यह मशीन कटाई का काम 8-10 सेमी ऊपर करती है जिससे नीचे का हिस्सा अवशेष के रूप में बच जाता है. इसके बाद भूसा-रीपर (भूसा निकालने की मशीन) या रोटावेटर (रोलर से मिक्सिंग) चलाने की आवश्यक्ता होती है. भारत में यह मशीन पंजाब-हरियाणा में अधिक देखने को मिलती है.

कीमत : 1 लाख 20 हजार रुपए.

सब्सिडी : सामान्य - 45 हजार

एससी-एसटी और लघु सीमांत किसान - 56 हजार रुपए

कीमत : 18 से 20 लाख रुपए

सब्सिडी : सामान्य व बड़े किसान- 8 लाख रुपए

एससी-एसटी और लघु सीमांत : 6 लाख 40 हजार



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