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Sugarcane Cultivation: सही समय पर करें बसंतकालीन गन्ने की खेती, बुवाई करने का तरीका जानें

गन्ने की खेती किसानों के लिए हमेशा से ही लाभदायक रही है. ऐसे में अगर किसान सही समय पर इसकी खेती कर लें तो इससे और लाभ मिलने की संभावना बढ़ जाती है. अभी बसंतकालीन गन्ने की बुवाई के लिए सही समय चल रहा है. ऐसे में इसकी खेती की पूरी प्रक्रिया जानते हैं.

अनामिका प्रीतम
Sugarcane Farming
Sugarcane Farming

भारत में गन्ना प्रमुख व्यवसायिक फसलों में से एक है. क्योंकि गन्ने की फसल विषम परिस्थितियां में भी बहुत अधिक प्रभावित नहीं होती. इससे गन्ना किसानों को इसकी खेती में ज्यादा नुकसान नहीं झेलना पड़ता है और ये अपने आप में सुरक्षित व लाभ की खेती बन जाती है.

शरदकालीन, ग्रीष्मकालीन और बसंतकालीन गन्ने की खेती

किसान अगर सही समय पर गन्ने की खेती करें तो उन्हें मुनाफा कमाने से कोई नहीं रोक सकता है. मौजूदा वक्त में गन्ना किसान सालभर में गन्ने की खेती तीन सीजनों में करते है. इसमें शरदकालीन, ग्रीष्मकालीन और बसंतकालीन गन्ने की खेती शामिल है. फिलहाल बसंतकालीन गन्ने की खेती का समय चल रहा है. ऐसे में सही समय रहते और सही विधि से अगर इसकी खेती कर ली जाये तो किसान आने वाले समय में अच्छा पैसा कमा सकते हैं. तो चलिए बसंतकालीन गन्ने की खेती की सही विधि जानते हैं...

बसंतकालीन गन्ने की खेती का सही समय

गन्ने की फसल की बुवाई करते समय तापमान 25 से 32 डिग्री सेल्सियस उपयुक्त माना जाता है. ऐसे में तापमान के मद्देनजर बसंतकालीन गन्ने की बुवाई 15 फरवरी से लेकर अधिकतम 30 अप्रैल तक होती है. इसमें फसल 10 से 12 महीने में तैयार होती है. ऐसे में समय रहते गन्ने की बुवाई का काम पूरा कर लें.

बसंतकालीन गन्ने की खेती के लिए उपयुक्त जलवायु

इसकी फसल के लिए उष्णकटिबंधीय जलवायु सबसे उपयुक्त होती है. इसके साथ ही इसकी बढ़वार के समय गर्म, नम और अधिक बारिश की जरूरत होती है.

बसंतकालीन गन्ने की खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी

गन्ने की खेती के लिए बलुई दोमट, दोमट और भारी मिट्टी सबसे सही मानी जाती है. इसके साथ ही उचित जल निकास वाली जैव पदार्थ और पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी में भी इसकी खेती कर सकते हैं. मिट्टी का पी.एच. मान 6.5 से 7.5 के बीच होना चाहिए.

ये भी पढ़ें: Sugarcane Farming: गन्ने की उन्नत खेती करने के लिए जानें मई माह के कृषि कार्य

बसंतकालीन गन्ने की खेती के लिए खेत की तैयारी

जैसे कि इसकी फसल 2 से 3 सालों तक खेत में रहती है, इसलिए जरूरी है कि इसकी बुवाई से पहले खेत की गहरी जुताई कर लें. इसके साथ ही खेत से पिछली फसल के अवशेष हटा लें. इसके बाद जुताई करके जैविक खाद मिट्टी में मिला दें. पहली गहरी जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से करें. इसके बाद 2 से 3 बार देसी हल और कल्टीवेटर से जुताई करनी चाहिए. अब पाटा चलाकर मिट्टी को भुरभुरा और खेत को समतल बना लें.

बसंतकालीन गन्ने की खेती के लिए उन्नत किस्में

किसी भी चीज की खेती में उसकी उन्नत किस्मों का योगदान होता है. इसलिए अपने क्षेत्र के मुताबिक गन्ने की खेती के लिए किस्मों का चयन करें. बसंतकालीन गन्ना की खेती के लिए उन्नत किस्में कुछ इस प्रकार हैं. जैसे- को.शा. 13235, को.15023, को.लख. 14201, को.शा. 17231, को.शा. 14233, को.शा. 15233 आदि की बुवाई कर किसान गन्ने की खेती से अच्छा उत्पादन ले सकते हैं.

English Summary: Sugarcane Farming: Do spring sugarcane cultivation at the right time, know how to sow Published on: 21 March 2023, 10:42 AM IST

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