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किसान विकास पत्र किसानों के लिए है बहुत ज़रूरी, जानें निवेश से जुड़ी ख़ास बातें

सुधा पाल
सुधा पाल
Kisan Vikas Patra

अगर कोई भी किसान निवेश करने के बारे में सोच रहा है, तो वह किसान विकास पत्र (KVP) के ज़रिए निवेश में हाथ डाल सकता है. यह एक बहुत ही सुरक्षित माध्यम है जिसे किसान अपना सकते हैं, और साथ ही पुराना भी. यही वजह है कि किसान इसपर भरोसा कर सकते हैं. किसान इंडिया पोस्ट की शाखाओं से किसान विकास पत्र ले सकते हैं.

किसानों को 'किसान विकास पत्र' में निवेश करने पर 7.6 प्रतिशत की दर से ब्याज उपलब्ध कराया जाता है. आपको बता दें कि किसान विकास पत्र एक छोटी बचत योजना है. इस योजना पर लागू ब्याज दरों की वित्त मंत्रालय द्वारा तिमाही आधार पर समीक्षा की जाती है. इसके साथ ही 31 मार्च को तिमाही ख़त्म होने जा रही है. इसके लिए वित्त मंत्रालय ने ब्याज के मौजूदा स्तर को तय कर रखा है.

ये हैं कुछ खास बातें जो जुड़ी हैं Kisan Vikas Patra से...

  • किसान विकास योजना निवेश में 6 प्रतिशत की दर से ब्याज चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के लिए दिया जाता है. कहने का तात्पर्य यह है कि प्रमाणपत्र में निवेश की गई राशि नौ साल और पांच महीने की अवधि में दोगुनी हो जाती है.

  • अब अगर निवेश सीमा की बात करें तो, किसान विकास पत्र के तहत खाता खोलने के लिए, इंडिया पोस्ट वेबसाइट- gov.in के मुताबिक , किसानों को कम से कम 1,000 रुपये का निवेश करना होगा.

  • किसान विकास योजना में निवेश की कोई ऊपरी सीमा नहीं है.

  • किसान विकास पत्र (KVP) किसी भी विभागीय डाकघर से खरीदा जा सकता है.

  • इंडिया पोस्ट की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, KVP प्रमाणपत्र में निवेश के लिए नामांकन सुविधा भी दी गयी है.

  • किसान विकास पत्र एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को हस्तांतरित किया जा सकता है.

  • एक डाकघर से दूसरे डाकघर में भी हस्तांतरित किया जा सकता है.

  • किसान खरीद की तारीख़ से ढाई साल के बाद KVP प्रमाणपत्रों में निवेश की गई राशि का भुगतान ले सकते हैं.

ये खबर भी पढ़ें:पीएम किसान योजना का आवेदन रिजेक्ट होने पर क्या करें, पढ़िए पूरी जानकारी

English Summary: farmers engaged in agriculture sector can invest via kisan vikas patra

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