देश के किसान को अप्रैल के महीने में ऐसी फसल की तलाश है, जिसकी खेती कर वह बड़ा मुनाफा कमा सकें. ऐसे में अगर किसान भाई ICAR द्वारा विकसित मूंग की इन टॉप 3 किस्म-पूसा 1371, पूसा1431, पूसा 1641 की खेती करते हैं, तो वह 66 दिनों में 14.0 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक अच्छी-खासी उपज प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही मूंग की दाल एक ऐसी फसल है, जिसकी मांग बाजारों में बारह महीने बनी रहती है, जिससे किसानों को इसके अच्छे दाम मिल जाते हैं और उनकी आय में इजाफा होने की संभावना बढ़ जाती है.
आइए जानें मूंग की इन टॉप 3 किस्मों की खासियत के बारे में विस्तार से-
1. पूसा 1371
मूंग की यह किस्म उत्तर पहाड़ी क्षेत्र- त्रिपुरा, मणिपुर, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के किसानों के लिए अच्छा विकल्प साबित हो सकती है. साथ ही पूसा 1371 मूंग एक उन्नत और जल्दी तैयार होने वाली किस्म है. यह लगभग 87 दिनों में पककर तैयार हो जाती है. इस किस्म की खासियत है कि यह पीले मोज़ेक वायरस जैसी बीमारियों के प्रति सहनशील मानी जाती है. किसान अगर इस किस्म की पैदावार करते हैं, तो औसतन 10-13 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन पा सकते हैं.
2.पूसा 1431
पूसा 1431 किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है. यह किस्म 66 दिनों में तैयार हो जाती है और अच्छी देखभाल के साथ 12-14 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन देती है. किसान अगर इस किस्म की ग्रीष्मकालीन अप्रैल के पहले पखवाड़े में खेती करते हैं, तो बढ़िया उपज प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही इस किस्म की खासियत है. यह किस्म सूखा सहन करने की क्षमता भी रखती है, जिससे कम पानी वाले क्षेत्रों में भी इसकी खेती संभव है.
3. पूसा 1641
पूसा 1641 मूंग की एक नई और उन्नत किस्म है, जो रोगों के प्रति अधिक प्रतिरोधक मानी जाती है. किसान भाई इस किस्म से लगभग 63 दिनों में 13-14 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही किसान अगर इस किस्म की बुवाई करते हैं, तो नुकसान का समाना नहीं करेंगे, क्योंकि इसकी फसल मजबूत होती है और गिरने की संभावना कम रहती है और मुनाफे की संभावना बढ़ जाती है.
किसानों के लिए लाभकारी विकल्प
इन तीनों किस्मों की सबसे बड़ी खासियत है कम अवधि में तैयार होना और बेहतर उत्पादन देना. इससे किसान एक साल में दो से तीन फसलें लेकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं. साथ ही, बाजार में मूंग की बढ़ती मांग के चलते इन किस्मों की खेती किसानों के लिए लाभ का सौदा साबित हो सकती है.
लेखक: रवीना सिंह
Share your comments